बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की तत्परता से 16 हजार से अधिक लोगों का बचाव
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निप्र, पिपलौदा रतलाम जिले की पिपलौदा जनपद क्षेत्र के अधिकांश गांव में सोयाबिन की फसल में पीला मौजेक रोग से ग्रस्त होने से किसानों के खेत के खेत अपने आप समय से पहले सुख कर खत्म हो गए हैं, यह जानकारी किसान नेता दिलीप पाटीदार धामेड़ी द्वारा कृषि विभाग अधिकारियों को दी गई जिससे पिपलोदा ,धामेडी, सुखेडा के ग्राम सेवकों ने किसानों की सोयाबीन की फसल खेतों में जाकर उनकी समस्या को लेकर निरक्षण करना चाहा तीनों ग्राम सेवक ग्राम पंचायत में पहुंचे ही किसानों ने सिधे उनसे खेतों में सोयाबीन की फसल देखने को कहा। पिपलोदा के ग्राम सेवक बालु सिंह निनामा, सुखेडा के ग्राम सेवक पवन राठोर , धामेडी की ग्राम सेवक गितांजली बगोटा किसानों के खेतों में पहुंचे। ओर पिला रोग से सोयाबीन की फसलों का निरीक्षण किया। ओर किसानों को बताया की आप एक आवेदन तहसीलदार ओर अनुविभागिय अधिकारी को देवे। जिससे वे राजस्व विभाग ओर फसल बिमा के अधिकारियों को निर्देश दे सके। जिससे किसानो को राहत राशी ओर फसल बिमा मिल सके। तीनों ग्राम सेवकों ने क्राप इंश्योरेन्स एप से किसानो की नुकसानी की जानकारी केसे देना हे यह भी बताया।वही माना कि वाकई में पिले रोग से सोयाबिन में शत प्रतिशत नुकसान हुआ हे। इस दौरान किसान प्रकाश मकाती, रमेश चोहान , कन्हैयालाल मईडा, वरदीचंद माली, सुनिल पाटीदार घनश्याम काग, गोरधन मकाती, श्यामलाल मईडा, विमल पटेल, विनोद पाटीदार बसंती लाल माली, उदयराम पाटीदार, राकेश मईडा आदी किसान मोके पर उपस्थित रहे।
