नक्सलवाद से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना हमारा संकल्प : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
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नई दिल्ली,। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए वियतनामी के पीएम फाम मिन्ह चीन्ह का पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया। आज राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत के दौरान पीएम मोदी ने चीन्ह को गर्मजोशी से गले लगाया। चीन्ह ने 30 जुलाई को भारत की अपनी यात्रा शुरू की थी और गुरुवार को उनकी यात्रा समाप्त हो रही है। पीएम मोदी और वियतनामी के फाम मिन्ह चीन्ह ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मौजूद थे। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी और फाम मिन्ह चीन्ह ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के अधिकारियों से भी मुलाकात की। अपनी यात्रा के दौरान वियतनामी पीएम के साथ कई मंत्रियों, उप-मंत्रियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया था। इसके बाद चीन्ह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट गए। वह पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे, उनके सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन भी करेंगे। वियतनामी पीएम चीन्ह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात करेंगे। बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने वियतनाम पीएम चीन्ह से मुलाकात की, जहां चीन्ह ने आभार व्यक्त किया और गर्मजोशी से स्वागत के लिए भारत को धन्यवाद दिया। फाम मिन्ह चीन्ह ने कहा कि वह इतने कम समय में और बहुत ही व्यस्त कार्यक्रम के साथ भारत की यात्रा की व्यवस्था करने के लिए उन्होंने भारत को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस यात्रा के लिए बेहतरीन तैयारी करने के लिए दोनों विदेश मंत्रालयों को धन्यवाद दिया। चीन्ह के जवाब में जयशंकर ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि चीन्ह चुनाव के बाद सबसे पहले आने वाले आगंतुकों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि उनका स्वागत करना बहुत ही विशेष सम्मान की बात है। भारत और वियतनाम के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जिन्हें सितंबर 2016 में पीएम की वियतनाम यात्रा के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया गया था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत वियतनाम को अपनी एक्ट ईस्ट नीति का एक प्रमुख स्तंभ और अपने इंडो-पैसिफिक विजन में एक महत्वपूर्ण भागीदार मानता है।
