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कहीं लाड प्यार से बच्चो को हम अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर की तरफ तो नही ले जा रहे है
इंदौर – बच्चो के अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर क्रिएट स्टोरीज एनजीओ की ओर से चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट विनी झारिया ने एक स्कूल में टीचर्स और पेरेंट्स से चर्चा की ।
एक्सपर्ट विनी झारिया ने बताया की अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर एक ऐसी स्थिति है जो बच्चे के व्यवहार और सीखने को प्रभावित करती है । अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर में बच्चे कोई भी एक गतिविधि में ज्यादा समय तक अटेंशन एवं ध्यान नहीं दे पा रहे और छोटी छोटी बातों में चिड़चिड़ापन या किसी भी गतिविधि में एकाग्रता भी रख पाने जैसी समस्या भी स्क्रीन एडिक्शन के कारण भी सामने आ रही है जिसकी वजह से एंजायटी , ओबेसिटी , मूड स्विंग, डिप्रेशन तक की समस्या भी काफी बढ़ रही है ।
आमतौर पर दैनिक जीवन में हम बच्चो को एक ही चीज के लिए कई सारे विकल्प उपलब्ध करवाते है परंतु कई बार हमारी यह कोशिश उनके व्यवहार एवं विचार को अव्यवस्थित करती है जिससे बच्चों में यह डिसऑर्डर बढ़ता है ।
एक बात सोचे और याद रखे की कहीं लाड प्यार से बच्चो को हम अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर की तरफ तो नही ले जा रहे है ।
अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर के लक्षण–
क्या करें –
