( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण के लिए भले ही प्रभावी प्रयास कर रहे हों लेकिन नगर निगम भोपाल के कर्मचारियों को इसकी चिंता नहीं है।
ये कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना मनमाने निर्णय ले रहे हैं। हरे भरे पेड़ निगम आयुक्त की अनुमति के बिना काटे जा रहे हैं। इनकी क्षतिपूर्ति के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
नगर निगम कर्मचारियों ने ऐसी ही कार्यवाही शाहपुरा क्षेत्र के मकान नंबर बी – 73 में की है।
गत दिनों कर्मचारियों का दल इस मकान पर बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंच गया। वहां पिछले कई वर्षों में हवा पानी पाकर जो पौधे बड़े पेड़ बन गए थे उनको अचानक काट दिया। इस बारे में स्थानीय निवासियों की आपत्ति को भी नहीं सुना गया।
कर्मचारी पेड़ काटने के बाद सारा कचरा भी वहीं छोड़कर चले गए।
कर्मचारियों की यह मनमानी हरियाली को खत्म कर रही है।
इस पर तत्काल रोक लगाना जरूरी है । बिना अनुमति पेड काटने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए। नगर निगम सीमा के अंतर्गत पेड़ काटने के पूर्व आयुक्त की विधिवत अनुमति अनिवार्य है यदि अनुमति उनके द्वारा दी गई तो उनका भी उत्तरदायित्व बनता है।
इस बारे में नगर निगम भोपाल की मेयर , आयुक्त , उद्यान शाखा के अधिकारियों से जब संपर्क साधने की कोशिश की तो किसी ने भी फोन नहीं उठाया । नगरीय प्रशासन एवम विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के प्रवास पर होने के कारण उनसे भी संपर्क नहीं हो सका ।
