जयपुर। राजस्थान में विधानसभा की 199 सीटों के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ। राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। दोनों ही दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी को जनादेश मिलने की उम्मीद जताई है। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल ७४.06 प्रतिशत मतदान हुआ था। सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के नेताओं ने दिन में मीडिया से बातचीत में विश्वास जताया कि उनकी पार्टी को जनादेश मिलेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने जोधपुर में कहा कि कांग्रेस के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और पार्टी राज्य में फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कोई ‘अंडरकरंट है। ऐसा लगता है कि (कांग्रेस) सरकार दोबारा बनेगी। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पत्रकारों से बातचीत में गहलोत के ‘अंडरकरंट वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मैं उनसे सहमत हूं। वास्तव में एक ‘अंडर करंट है लेकिन यह भाजपा के पक्ष में है। तीन दिसंबर को कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) खिलेगा। जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘‘भाजपा भारी बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है। इस बार लोग कांग्रेस के पांच साल के शासन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध, पेपर लीक और भ्रष्टाचार को ध्यान में रखकर वोट करेंगे। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य नेताओं ने राजस्थान के लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। मतदान के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री गहलोत, केंद्रीय मंत्री शेखावत और कैलाश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी वोट डाले। गहलोत और शेखावत ने जोधपुर में, चौधरी ने बालोतरा में, राजे ने झालावाड़ में और पायलट ने जयपुर में वोट डाला। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने चित्तौड़गढ़ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और पार्टी सांसद दीया कुमारी तथा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में मतदान किया। दीया कुमारी और राठौड़ उन सात भाजपा सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी भी अनेक जगह मतदाता, बूथ परिसरों में हैं जिनके वोट डालने के बाद ही मत प्रतिशत का अंतिम आंकड़ा आएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छह बजे तक जो भी मतदाता बूथ परिसर में पहुंच गए उन सभी को वोट डालने की अनुमति है।
