भोपाल ।( अमिताभ पाण्डेय )
हमारे मन की स्थिति का असर हमारे शरीर पर भी होता है | हमने बाहर की लाइफस्टाइल तो अच्छी कर ली लेकिन हमे मन के सोचने का तरीका भी बदलना होगा, क्यूंकि स्वस्थ शरीर बिना स्थिर मन के मुश्किल है | जब हम चिंता करते हैं तो हमारा शरीर सुन रहा है , जब हम दुखी है तो हमारा शरीर सुन रहा है | फिर शरीर उसी समय बीमार नहीं होता, थोड़े टाइम बाद बीमार होता है | हमारे विचार में नकातात्मकता के कारण मन में जो विकार या ब्लाकेज पैदा होते जाते हैं उनका धीरे धीरे शरीर पर भी असर होता है।
यदि हमें अपने शरीर को स्वस्थ बनाए रखना है तो मन को हमेशा अच्छे विचार से भरकर रखिए। जिन्होंने आपके साथ बुरा किया उनको भी माफ कर दीजिए। हमें मन को पवित्र और आनंदमय विचारों से भरना है।
उक्त आशय के विचार अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरक वक्ता बी के शिवानी ने आज ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस सहस्त्रबाहु नगर, होशंगाबाद रोड भोपाल मे जीवन का उद्देश्य विषय पर आयोजित टॉक शो के दौरान व्यक्त किए |
उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार सबको जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करना चाहिए। हमें चिंता और तनाव मुक्त जीवन जीना चाहिए।
शिवानी दीदी ने कहा कि जहां मन को जाने देने की जरूरत नहीं उसे वहाँ न जाने दें | अगर वो बार बार जम्प करता रहेगा तो उसकी स्थिरता और शक्ति क्षीण होती रहेगी | फिर हम कहते कि हमारी एकाग्रता नहीं होती, कॉन्सेंटरेसन नही होता, एकरस स्थिति नहीं होती | अगर मन बार बार जम्प करेगा तो थक जाता है तो परेशान हो जाता है | जब परेशान हो जाता है तो इरिटेट हो जाता है और जब मन इरिटेट हो जाता है तो मन गुस्सा भी कर देता है |
अपने संबोधन में शिवानी दीदी ने
यह सीख दी कि जो हुआ उसको भूल जाओ , लोगों को उनकी बुराई के लिए क्षमा करो , बुरी बातों को भूल जाओ और सभी के लिए शुभ की प्रार्थना करो । दुआ करो ।
ऐसा करने से आपके जीवन में आनंद बढ़ जाएगा।
ओजस्वी वक्ता शिवानी दीदी ने कहा कि जो हमारे साथ गलत कर रहे हैं उनको भी दुआ दी जा सकती है, जो बहुत गलती कर रहे उनको बहुत दुआ देनी है और जो बहुत बहु बहुत गलती कर रहे हैं उनको बहुत बहुत दुआ देनी है क्यूंकी जो बहुत कमजोर है उसको उतने सहारे की आवश्यकता होती है |
उन्होंने कहा कि बीमार मन को ठीक करने के लिए ज्ञान खुराक का काम करती है , मेडिटेशन एक्सर्साइज़ है | जब हम प्रतिदिन ईश्वरीय ज्ञान को जीवन मे धारण करते हैं । परमपिता परमात्मा द्वारा सिखाए जा रहे मेडिटेशन का प्रतिदिन अभ्यास करते हैं तो मन सहज ही स्वस्थ हो जाता है | मन स्वस्थ होने से तन भी स्वस्थ रहता है|
इसके पूर्व कार्यक्रम मे ब्लेसिंग हाउस प्रभारी बी.के. डॉ. रीना ने स्वागत वक्तव्य दिया | इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज भोपाल ज़ोन की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी ने सभी मध्यप्रदेश वासियों से शिवानी दीदी की बातों को जीवन में धारण करने की अपील की | कार्यक्रम में एक हजार से अधिक भोपालवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया | भोपाल ज़ोन की ब्रह्माकुमारी दीदियाँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं |
ब्लेसिंग हाउस प्रभारी बी.के. डॉ. रीना ने बताया कि भोपाल वासियों के लिए ब्लेसिंग हाउस, सहस्त्रबाहु नगर भोपाल में सुबह 7 से 8 एवं शाम 7 से 8 बजे तक राजयोग शिविर का आयोजन किया गया है | यह शिविर निःशुल्क है एवं इसमे कोई भी भाग ले सकते हैं |
( लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं, संपर्क: 9424466269)
