:: मामला विवादित पुस्तक का ::
इन्दौर । विवादित पुस्तक सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति की लेखिका डॉ. फरहत खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। इन्दौर शासकीय लॉ कॉलेज में पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बाद भंवरकुआं थाना में दर्ज हुई एफआईआर के बाद से ही वह फरार बताई जा रही थी। गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इस बात की जानकारी दी कि पुलिस ने अब उसे पुणे से गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि फरहत खान द्वारा लिखी गई पुस्तक में राष्ट्र विरोधी कंटेंट पाए जाने पर हुए विवाद पर नरोत्तम मिश्रा ने पहले ही कहा था कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनपर कठोर कार्रवाई होगी।
विवादित किताब ‘सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति’ नाम की इस पुस्तक को लेकर पिछले कुछ दिनों से मचे बवाल का कारण इसमें हिंदुओं आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी होना है। पुस्तक में कुछ स्थानों पर हिंदुओं व हिंदूवाद से जुड़ी संस्थाओं पर आरोप लगाया गया है कि वो धर्म के आधार पर भड़काने का काम करते हैं। मामले के सामने आने के बाद से ही लगातार विरोध और विवाद की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इस प्रकरण को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर सात सदस्यीय जांच समिति भी बनाई गई है जिसमें दो अतिरिक्त संचालक शामिल हैं। समिति को विद्यार्थियों की शिकायत की जांच कर और तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसी के साथ लेखिका और प्रकाशक की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें गठित कर दी गई थी। इस मामले में लेखिका डॉ. फरहत खान प्रिंसिपल इनामुर रहमान प्रोफेसर डॉ. मिर्जा मोजिज और अमर लॉ पब्लिकेशन के प्रकाशक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। कॉलेज के प्रिंसिपल इनामुर रहमान इस्तीफा दे चुके हैं। फरहत खान की पीएचडी की डिग्री वापसी के लिए कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने फरहत को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है।
