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मुंबई, 27 अक्टूबर । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बताया कि नर्मदा जल विवाद अवॉर्ड के तहत महाराष्ट्र को गुजरात के उकाई बांध से उसके हिस्से का 5 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने नर्मदा कंट्रोल अथॉरिटी की हाई-लेवल रिव्यू कमेटी की बैठक में महाराष्ट्र का पक्ष रखते हुए यह मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस संबंध में तत्काल निर्देश दिए। उकाई बांध गुजरात के तापी जिले के ताप्ती
नदी पर स्थित है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने आज मीडिया को बताया कि नर्मदा कंट्रोल अथॉरिटी की हाई-लेवल रिव्यू कमेटी की बैठक मुंबई में की गई थी। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल हुए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र में नर्मदा परियोजना से संबंधित दायित्वों के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। नर्मदा जल विवाद अवॉर्ड के तहत महाराष्ट्र को कुल 10 टीएमसी पानी आवंटित किया गया है। इसमें से 5 टीएमसी पानी डायवर्जन कैनाल के माध्यम से, जबकि शेष 5 टीएमसी पानी उकाई बांध से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसी व्यवस्था के अनुरूप मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल और गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल से आवश्यक मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ पहले हुई बैठक में निर्धारित नियमों के अनुसार महाराष्ट्र को उसके हिस्से का पानी देने पर सहमति बनी थी। इस निर्णय के अनुरूप महाराष्ट्र को उकाई बांध से 5 टीएमसी पानी उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा रखे गए तथ्यों के अनुसार महाराष्ट्र को उसके निर्धारित हिस्से का पानी मिलना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्र और जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ दावले भी उपस्थित थे।
