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~टीवीसी लिंक: https://www.youtube.com/watch?v=cgLhkYIJt6o
मुंबई, 28 अक्टूबर 2026: एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड के प्रमुख खाद्य ब्रांडों में शामिल फॉर्च्यून ने अपने फॉर्च्यून बेसन का नया टीवी विज्ञापन जारी किया है। इस कैंपेन के जरिये रोजमर्रा के खानपान में देसी चने से बने बेसन को चुनने के महत्व पर जोर दिया गया है। मशहूर अभिनेत्री नीना गुप्ता इस कैंपेन का चेहरा हैं। ‘देसी चना से बना’ संदेश के साथ यह कैंपेन बेसन की शुद्धता और असलियत को सामने लाता है। विज्ञापन में एक दादी और उनकी जेन-जी पोती की दिल छू लेने वाली कहानी दिखाई गई है। इसमें परिवार के लिए सही सामग्री चुनने में दादी के अनुभव और उनकी पारंपरिक समझ को दर्शाया गया है। साथ ही, फॉर्च्यून ब्रांड पर उपभोक्ताओं के भरोसे को भी रेखांकित किया गया है।उपभोक्ताओं की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस कैंपेन में बताया गया है कि भारतीय घरों में बेसन खरीदते समय देसी चने से बने बेसन को प्राथमिकता देना एक अहम पहलू है। जहां युवा उपभोक्ता नई-नई रेसिपी आजमाने और डिजिटल मंचों पर अपने खानपान के अनुभव साझा करने में रुचि ले रहे हैं, वहीं अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री चुनने का महत्व हर पीढ़ी के लिए बना हुआ है। इसी सोच के साथ फॉर्च्यून बेसन ने पारंपरिक समझ और आधुनिक खाना पकाने की पसंद को जोड़ने की कोशिश की है। कैंपेन रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले बेसन को खरीदते समय सही जानकारी के आधार पर चुनाव करने का संदेश देता है।कैंपेन पर टिप्पणी करते हुए एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड में मीडिया एवं डिजिटल प्रमुख जिग्नेश शाह ने कहा, “खाने-पीने से जुड़े हमारे फैसले अक्सर पीढ़ियों से चली आ रही आदतों और अनुभवों से प्रभावित होते हैं। नीना गुप्ता को इस कैंपेन का चेहरा बनाकर हम दादी और पोती के बीच होने वाली ऐसी ही सहज बातचीत को दिखाना चाहते थे, जिसमें रोजमर्रा के छोटे-छोटे फैसले भी जीवनभर काम आने वाली सीख दे जाते हैं। फॉर्च्यून में हमारा मानना है कि उपभोक्ताओं से मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए यह समझना जरूरी है कि हमारे उत्पाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में क्या भूमिका निभाते हैं। बेसन भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल रोज के भोजन से लेकर त्योहारों के खास पकवानों तक में होता है।”अहमदाबाद स्थित मुद्रा ने इस टीवी विज्ञापन की परिकल्पना की है। इसमें जेन-जी पोती को एक फूड इन्फ्लुएंसर के रूप में दिखाया गया है, जबकि नीना गुप्ता ने दादी की भूमिका निभाई है। पालक के पकौड़े बनाने की तैयारी के दौरान पोती सही बेसन चुनने के लिए दादी से सलाह लेती है। इसके बाद दोनों पीढ़ियों के बीच सहज बातचीत होती है, जिसमें पोती का खाना बनाने का उत्साह और दादी का अनुभव सामने आता है। विज्ञापन बताता है कि समय के साथ खाना बनाने के तरीके बदलने के बावजूद, पीढ़ियों से मिला अनुभव आज भी खाने-पीने से जुड़े फैसलों को प्रभावित करता है।मुद्रा अहमदाबाद, बीबीडीओ ग्रुप के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख शेखर पांडे ने कहा, “ ‘देसी चना से बना’ कैंपेन की सोच एक सरल बात पर आधारित है। खाना बनाने और नई रेसिपी खोजने के तरीके भले ही बदल गए हों, लेकिन सही सामग्री चुनने की समझ अक्सर हमें अपनी मांओं से मिलती है। हम इस विचार को दादी और पोती के बीच एक सहज बातचीत के जरिये सामने लाना चाहते थे, जहां पारंपरिक ज्ञान नई पीढ़ी के उत्साह से मिलता है। नीना गुप्ता इस कहानी के लिए बिल्कुल उपयुक्त थीं। वह अपने किरदार में अपनापन, सहजता और विश्वसनीयता लेकर आईं। इस कैंपेन के जरिये हम रोजमर्रा के भारतीय परिवारों से जुड़ी सरल कहानी के माध्यम से देसी चने से बने बेसन के महत्व को यादगार बनाना चाहते थे।”‘देसी चना से बना’ कैंपेन के जरिये फॉर्च्यून बेसन शुद्धता, असलियत और उपभोक्ताओं के भरोसे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। कैंपेन परिवारों को यह संदेश देता है कि अच्छे खाने की शुरुआत सही सामग्री चुनने से होती है। यह टीवी विज्ञापन महाराष्ट्र समेत हिंदी भाषी बाजारों में प्रसारित किया जाएगा।
