मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न
Spread the loveरायपुर। मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन...
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सूरत: भारत में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में प्रोजेक्ट्स को तय समयसीमा में पूरा करने, बड़े पैमाने पर निर्माण और काम में एकरूपता बनाए रखने की जरूरत बढ़ रही है। डेटा सेंटर्स, वेयरहाउस, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज और बड़े रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसी कंस्ट्रक्शन पद्धतियों की जरूरत है, जो क्वालिटी से समझौता किए बिना तेजी से काम पूरा करने में मदद करें। लेबर की उपलब्धता और साइट पर विभिन्न गतिविधियों के बीच कोऑर्डिनेशन की चुनौतियों के कारण प्री-फैब्रिकेशन जैसे विकल्पों पर भी ध्यान बढ़ रहा है। इसी बदलते कंस्ट्रक्शन परिदृश्य और वॉलिंग के नए तरीकों पर मोहित साबू, डायरेक्टर और सीएफओ, बिगब्लोक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, अपना दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं। पारंपरिक मेसनरी से हल्के और प्री-फैब्रिकेटेड वॉलिंग सिस्टम्स की ओर बढ़ता रुझान इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एएसी वॉल पैनल्स का मैन्युफैक्चरिंग नियंत्रित वातावरण में किया जाता है और तैयार पैनल्स को इंस्टॉलेशन के लिए साइट पर लाया जाता है। इससे वॉल कंस्ट्रक्शन का एक बड़ा हिस्सा साइट के बाहर पूरा करना संभव होता है, जिससे साइट पर काम की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।एएसी ब्लॉक्स हल्के वॉल कंस्ट्रक्शन के लिए महत्वपूर्ण सॉल्यूशन बने हुए हैं। हालांकि, बड़े प्रोजेक्ट्स और कम होती समयसीमा के साथ मटेरियल के अलावा उसकी डिलीवरी और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया भी अहम हो गई है। एएसी वॉल पैनल्स फैक्ट्री में प्रोडक्शन और साइट पर इंस्टॉलेशन की सुविधा देकर इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। पैनल्स को पहले से मैन्युफैक्चर करके प्रोजेक्ट के एक्जीक्यूशन शेड्यूल के अनुसार इंस्टॉल किया जा सकता है, जिससे साइट पर मैन्युअल वॉलिंग की गतिविधियां कम हो सकती हैं।इन पैनल्स का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कस्टमाइजेशन है। प्रोजेक्ट की जरूरतों और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के अनुसार पैनल्स के डाइमेंशन्स, ओपनिंग्स और इंस्टॉलेशन की परिस्थितियों की पहले से प्लानिंग की जा सकती है। इससे साइट पर अनावश्यक कटिंग और एडजस्टमेंट कम करने के साथ मटेरियल, लॉजिस्टिक्स और इंस्टॉलेशन के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर बड़े रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में, जहां एक जैसे लेआउट और बड़े वॉल एरिया की जरूरत होती है, यह तरीका अधिक उपयोगी हो सकता है।एएसी वॉल पैनल्स का इस्तेमाल इंटरनल और एक्सटर्नल नॉन-लोड-बेयरिंग वॉल्स, पार्टीशन्स, वेयरहाउस, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज और डेटा सेंटर्स जैसे प्रोजेक्ट्स में चुनिंदा एप्लिकेशन्स के लिए किया जा सकता है। इनका वास्तविक इस्तेमाल प्रोजेक्ट की डिजाइन, स्पेसिफिकेशन्स और लागू स्टैंडर्ड्स पर निर्भर करता है। फैक्ट्री में नियंत्रित प्रोडक्शन से डाइमेंशन्स और फिनिश में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, एएसी का हल्का वजन वॉल कंस्ट्रक्शन से जुड़े डेड लोड को कम करने में सहायक हो सकता है। प्रोजेक्ट की मेथडोलॉजी के आधार पर, प्री-फैब्रिकेशन से साइट पर लेबर की जरूरत और मटेरियल हैंडलिंग भी कम की जा सकती है।इंडस्ट्री के अनुभव के अनुसार, वॉल पैनल्स के इस्तेमाल से वॉलिंग से जुड़े कंस्ट्रक्शन का समय लगभग 30% से 50% तक कम हो सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत प्रोजेक्ट की डिजाइन, साइट की स्थिति और एक्जीक्यूशन मेथड पर निर्भर करती है। इसी तरह, पहले से डाइमेंशन्स की प्लानिंग करने से कटिंग और मटेरियल वेस्टेज कम करने में मदद मिल सकती है, खासकर उन प्रोजेक्ट्स में जहां कई फ्लोर्स या बिल्डिंग्स में एक जैसी वॉलिंग की जरूरत होती है।भारत में बड़े और कम समय में पूरे किए जाने वाले कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की बढ़ती जरूरत के बीच एएसी वॉल पैनल्स वॉलिंग को अधिक तेज, व्यवस्थित और कुशल बनाने का एक विकल्प प्रदान करते हैं। ब्लॉक्स से पैनल्स की ओर यह बदलाव केवल मटेरियल के फॉर्मेट में बदलाव नहीं, बल्कि प्री-फैब्रिकेशन, कस्टमाइजेशन और बेहतर प्लानिंग के जरिए भारत के बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की जरूरतों के अनुरूप वॉल कंस्ट्रक्शन को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
