अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में ‘सौर क्रांति’: सोलर ड्यूल पंप से 371 गांवों तक पहुँच रहा स्वच्छ पेयजल
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इंदौर, 12 अक्टूबर, 2026: भारत का सबसे बड़ा डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म मेडीबडी, जो 3.7 करोड़ से ज्यादा लोगों और 1,200 से अधिक कॉरपोरेट्स को सेवाएं देता है, अपनी रीजनल सेल्स और ऑपरेशन्स को मजबूत कर रहा है और इंदौर से सर्विस डिलीवरी क्षमताएं बढ़ा रहा है।इंदौर सेंटर, जो 2025 में सिर्फ सात लोगों की टीम के साथ शुरू हुआ था, अब बढ़कर लगभग 600 कर्मचारियों का हो गया है और कस्टमर सपोर्ट, ऑपरेशंस, कॉन्सिर्ज सेल्स, इंजीनियरिंग, आईटी और एडमिनिस्ट्रेशन में मदद करता है।यह विस्तार तब हो रहा है जब मेडीबडी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपना पहला एबिटा-पॉजिटिव क्वार्टर दर्ज किया। इसमें सालाना रेवेन्यू (आय) रन रेट 1,500 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा। इस तिमाही के दौरान ऑनलाइन कंसल्टेशन में साल-दर-साल 90% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जो पूरे भारत में डिजिटल-फर्स्ट हेल्थकेयर एक्सेस की बढ़ती मांग दर्शाता है।मेडीबडी का इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम कंसल्टेशन, दवा की डिलीवरी, घर पर डायग्नोस्टिक्स, फिटनेस व कंडीशन मैनेजमेंट प्रोग्राम और सर्जरी केयर तक फैला हुआ है। यह प्लेटफॉर्म एक दिन में 100,000 से ज्यादा हेल्थकेयर ट्रांजैक्शन संभालता है, जो भारत की किसी भी सिंगल हॉस्पिटल चेन की रोजाना कंज्यूमर कवरेज से अधिक है और 189 शहरों में फैले सर्जरी केयर नेटवर्क में मरीजों की मदद करता है। अलग-अलग जगहों पर बढ़ते यूजर बेस और हेल्थकेयर पार्टनर नेटवर्क के साथ, इंदौर सेंटर पूरे भारत में कई क्लाइंट्स और कंज्यूमर्स के लिए कोऑर्डिनेशन, फॉलो-अप और सर्विस डिलीवरी के लिए इसके ऑपरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब ‘ग्रैंड व्यू रिसर्च’ के अनुसार, भारत का डिजिटल हेल्थ मार्केट 2024 में 14.5 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक 106.97 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2033 तक 25.12% की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा।मेडीबडी का इंदौर सेंटर कस्टमर इंटरैक्शन, कॉन्सिर्ज सपोर्ट और सेल्स, रिपोर्ट प्रोसेसिंग, क्वालिटी चेक और खास इलाकों के क्लाइंट्स और कंज्यूमर्स के साथ तालमेल बिठाने में मदद करता है। यह टीम मेडीबडी के 65% इनबाउंड कस्टमर सपोर्ट कॉल और 55% कस्टमर सपोर्ट ईमेल संभालती है, साथ ही पूरे भारत में यूजर्स के लिए सर्विस कोऑर्डिनेशन का एक बड़ा हिस्सा भी देखती है। यह ऑफिस मुख्य इलाकों में कस्टमर्स को तेजी और भरोसे के साथ सर्विस देने के लिए एक सेंट्रल सुविधा के तौर पर काम करता है।*मेडीबडी की चीफ पीपल ऑफिसर, सीमा विजय सिंह ने कहा,* “इंदौर तेजी से मेडीबडी के लिए एक स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस और टैलेंट हब बन गया है, जो कस्टमर सपोर्ट, कॉन्सिर्ज सेल्स, ऑपरेशन्स और टेक्नोलॉजी जैसे अहम कामों में मदद करता है। हम लोकल टैलेंट की क्वालिटी और महत्वाकांक्षा से उत्साहित हैं, खास तौर पर उन युवा प्रोफेशनल्स से जो घर के पास सार्थक और तेजी से बढ़ने वाली भूमिकाओं की तलाश में हैं। जैसे-जैसे मेडीबडी का विस्तार हो रहा है, इंदौर हमारे 24×7 सर्विस डिलीवरी नेटवर्क और उभरते हुए हेल्थ-टेक टैलेंट के लिए करियर के व्यवस्थित रास्ते बनाने में और भी अहम भूमिका निभाएगा।’कंपनी कस्टमर असिस्टेंस, ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी भूमिकाओं के लिए भर्तियां कर रही है और इंग्लिश व हिंदी में माहिर फ्रेशर्स और युवा प्रोफेशनल्स से एप्लीकेशन मंगवा रही है। कॉन्सिर्ज सेल्स रोल के लिए फ्रेश एमबीए या मास्टर डिग्री वाले कैंडिडेट्स, साथ ही सेल्स में दो से तीन साल तक के अनुभव वाले कैंडिडेट्स (सेल्स अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी) अप्लाई कर सकते हैं। ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट रोल के लिए कॉलेज ग्रेजुएट्स और युवा प्रोफेशनल्स अप्लाई कर सकते हैं जो टेक-बेस्ड हेल्थकेयर माहौल में स्किल्स बनाना चाहते हैं।मेडीबडी में केयरबडी रोल में कस्टमर्स को उनकी हेल्थकेयर यात्रा के अहम पड़ावों पर मदद करना शामिल है। इस रोल में कस्टमर इंटरैक्शन, केस कोऑर्डिनेशन और इंटरनल टीम के साथ मिलकर काम करना शामिल है, ताकि देखभाल का अनुभव बेहतर हो सके।मेडीबडी टेक्निकल नॉलेज, ह्यूमन एनाटॉमी, सॉफ्ट स्किल्स और सेल्स जैसे क्षेत्रों में रोल-स्पेसिफिक ट्रेनिंग के साथ-साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और कस्टमर सपोर्ट सर्टिफिकेशन भी देता है। कर्मचारियों को पेड ट्रेनिंग, परफॉर्मेंस-बेस्ड इंसेंटिव, हेल्थ इंश्योरेंस, खाने-पीने की सुविधा, पेड लीव, साप्ताहिक छुट्टी और रेफरल इंसेंटिव जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। जैसे-जैसे कर्मचारी आगे बढ़ते हैं, मेडीबडी पहली बार मैनेजर बनने वालों के लिए मैनेजमेंट प्रोग्राम और शुरुआती ग्रोथ के मौके देता है; इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए ‘सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट’ की भूमिकाएं भी शामिल हैं।यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, एमएसएमई, हेल्थकेयर, आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से जुड़ी नीतियों के जरिए इन्वेस्टमेंट और रोजगार के केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इंदौर में मेडीबडी का लगातार विस्तार यह दिखाता है कि पारंपरिक बड़े शहरों के अलावा यह शहर टैलेंट और ऑपरेशंस के हब के तौर पर उभर रहा है। साथ ही, यह पूरे भारत में डिजिटल हेल्थकेयर सर्विसेज तक पहुंच बढ़ाने की कंपनी की बड़ी कोशिशों में भी मदद करता है।*मेडीबडी के बारे में*मेडीबडी भारत की सबसे बड़ी डिजिटल हेल्थकेयर कंपनी है। यह देश भर में 3.7 करोड़ से ज्यादा लोगों और 1,200 से अधिक कॉरपोरेट कंपनियों को सेवाएं देती है। बेंगलुरु में हेडक्वार्टर वाली मेडीबडी 189 शहरों में 16 भाषाओं और 22 स्पेशलिटीज में 24×7 डॉक्टर से सलाह, दवा की डिलीवरी, घर पर डायग्नोस्टिक्स, मेंटल हेल्थ सपोर्ट और सर्जरी केयर जैसी सेवाएं देती है। 2013 में आईआईटी मद्रास के दो पूर्व छात्रों सतीश कन्नन और एनबसेकर दिनदयालने ने इस कंपनी की स्थापना की थी। अब तक यह ₹1,100 करोड़ की फंडिंग जुटा चुकी है। इसके इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम को 1,40,000 से ज्यादा डॉक्टरों, 11,000 से अधिक अस्पतालों और क्लीनिकों, 7,700 से ज्यादा डायग्नोस्टिक सेंटरों और 10,000 से अधिक फार्मेसियों के नेटवर्क का सपोर्ट मिलता है। रोजाना 1,00,000 से ज्यादा हेल्थकेयर ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाली मेडीबडी का मकसद पूरे भारत में लोगों के लिए अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सेवाएं ज्यादा आसान, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाना है।
