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दरभंगा, 30 सितंबर ।
सीएम साइंस कॉलेज के मानवीकी विभाग की ओर से बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के अवसर पर ‘सरहदों के पार : वैश्विक एवं सांस्कृतिक सामर्थ्य’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि अनुवाद के लिए स्रोत और लक्ष्य भाषा के मर्म के साथ उसकी संवेदना, सामाजिक संरचना एवं सांस्कृतिक सरोकारों को समझना आवश्यक है। अनुवाद के माध्यम से वैज्ञानिक एवं साहित्यिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि लंगट सिंह कॉलेज, मुजफ्फरपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार झा ने अनुवाद और ट्रांसलेशन के अर्थगत अंतर को स्पष्ट करते हुए भारतीय एवं वैश्विक ज्ञान परंपरा में अनुवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार झा ने विभिन्न विद्वानों की अनुवाद संबंधी अवधारणाओं की व्यावहारिक व्याख्या करते हुए अनुवाद की राह में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की।
स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश करते हुए संगोष्ठी के संयोजक डॉ. युगेश्वर साह ने कहा कि अनुवाद भारतीय ज्ञान-परंपरा को संरक्षित कर पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। अनुवादक भाषायी एवं सांस्कृतिक सेतु का निर्माण करते हैं, जिससे वैश्विक शांति, पारस्परिक समझ और संवाद को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापिका डॉ. ऋचा कुमारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. युगेश्वर साह ने किया। इस अवसर पर डॉ. यूके दास, डॉ. सुजीत कुमार चौधरी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. बीडी त्रिपाठी, डॉ. शाकिर अहमद, डॉ. अनित कुमार, डॉ. ए. हरिनाथ, डॉ. पूजा अग्रहरि, डॉ. वरुण कुमार प्रभात, डॉ. खालिद अनवर, डॉ. अभय सिंह, डॉ. अवध बिहारी यादव, डॉ. अभिषेक शेखर, डॉ. पंकज कुमार चौधरी, डॉ. ओसेद आलम, डॉ. अंशु सिन्हा, डॉ. निधि झा, डॉ. सुषमा रानी, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. पांशु प्रतीक, डॉ. गौतम साह, डॉ. रश्मि रेखा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में डॉ. प्रवीण कुमार झा, चेतकर झा, जय नारायण यादव, विकास कुमार, सुमित शर्मा, जरीना खातून, बलराम आदि ने सहयोग किया।
