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उज्जैन, 28 सितंबर । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलने के बाद गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।
जटाधारी भगवान महाकाल का भांग, चंदन, त्रिपुंड और आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म आरती की प्रक्रिया में प्रथम घंटाल बजाया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान कर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से भगवान का अलंकरण किया गया। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और नंदी महाराज के दर्शन किए। श्रद्धालु नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहते नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
