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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दशहरा मैदान पर पंख मैराथन को झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
भोपाल, 27 सितम्बर । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परमात्मा की कृपा से हमारा शरीर स्वयं में एक लघु ब्रह्मांड के रूप में है। माँ के गर्भ से आने के बाद हमारा शरीर पल-पल बदलता रहता है। शरीर की यही विशेषता है कि हम केवल आंखों से ही नहीं, बल्कि शरीर के विभिन्न अंगों और स्पर्श के माध्यम से भी चीजों को अनुभव कर पहचान सकते है। शरीर को स्वस्थ एवं निरोग रखने में नियमित व्यायाम और योग का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को राजधानी भोपाल स्थित दशहरा मैदान पर आयोजित पंख मैराथन दौड़ के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने मंच पर स्वयं योगासन भी किए और उपस्थित प्रतिभागियों एवं योग साधकों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उज्जैन में भगवान महाकाल विराजमान हैं, उसी प्रकार हमारे शरीर में भी एक महाकाल का वास है। बाबा महाकाल को जानने और अनुभव करने के लिए हमें अपने भीतर की यात्रा करनी होगी। उन्होंने कहा कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ साक्षी गोपाल के दर्शन का भी विशेष महत्व है। शिव और विष्णु दोनों का स्मरण एवं आराधना करने से दोनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति और पेड़ों से ऑक्सीजन प्राप्त होती है, इसलिए पेड़ लगाना और प्रकृति की रक्षा करना भी हमारा धर्म है। स्वस्थ शरीर के लिए जिस प्रकार योग और व्यायाम आवश्यक हैं, उसी प्रकार स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण भी जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा ने हमारे शरीर के अंश को अमरता का आशीर्वाद दिया है, जो कुल, वंश और गोत्र के रूप में पीढिय़ों तक प्रचलित रहता है। श्राद्ध पक्ष के दौरान हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है। उन्होंने कहा कि पितरों के स्मरण एवं उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए देश में गयाजी, प्रयागराज और उज्जैन का शिप्रा तट पर स्थित श्री सिद्धवट विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इन पवित्र स्थानों पर आकर लोग अपने पूर्वजों के निमित्त पूजा-अर्चना कर उनका स्मरण करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन की आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में अवंतिका नगरी जैसा दूसरा कोई नगर नही है, जिसे चारों ओर से नदी ने घेरा हो। मोक्षदायिनी शिप्रा की उपस्थिति के कारण उज्जैन का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि उज्जैन की धरती देवताओं की उपस्थिति और साधना के लिए प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण रही है। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि महाराज, संभाग आयुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन,नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में धावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगासन कर बढ़ाया उत्साह
मैराथन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर विभिन्न योगासन कर उपस्थित जनों को आश्चर्यचकित कर दिया। इस अवसर पर 70 से 80 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष और महिला व बालिका योग साधकों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष योगासन एवं सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने योग साधकों की सराहना करते हुए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया। मैराथन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोटे बच्चों एवं धावकों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने उपस्थित जनों का हाथ हिलाकर अभिवादन भी स्वीकार किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे, बुजुर्ग एवं महिला-पुरुष धावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
दशहरा मैदान से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी मैराथन
शरीर को स्वस्थ रखने और लोगों को नियमित व्यायाम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंख मैराथन का आयोजन किया गया। मैराथन दशहरा मैदान से प्रारंभ होकर तरण ताल, कोठी रोड, देवास रोड, पाइप फैक्ट्री, विक्रम नगर रेलवे स्टेशन होते हुए वापसी में पुलिस लाइन के सामने से होकर पुन: दशहरा मैदान पहुंचकर संपन्न हुई। मैराथन में करीब 2 हजार से अधिक युवा, बच्चे एवं बुजुर्ग धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
