Aaj ka Panchang 5 November 2026: दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें, जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त
Spread the loveहिंदू धर्म में पंचांग का काफी...
Spread the loveहिंदू धर्म में पंचांग का काफी...
Spread the loveAaj ka Rashifal 05 November 2026:...
Spread the love00 मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में योग को अब केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित रखने के बजाय नियमित गतिविधि के रूप में बढ़ावा देने की तैयारी है। राज्य सरकार योग को स्कूलों, छात्रावासों और वेलनेस सेंटरों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। शुरुआती चरण में करीब 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नियमित योग अभ्यास से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, योग कक्षाओं के संचालन का समय, प्रशिक्षकों की तैनाती और निगरानी की व्यवस्था को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकार की योजना के तहत स्कूलों और छात्रावासों में योग की नियमित कक्षाएं संचालित करने की तैयारी है। प्रशिक्षित योग शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को योगासन, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में प्रशिक्षण दिया जा सकता है। हालांकि, प्रदेश के कितने स्कूलों में यह व्यवस्था लागू होगी और 1800 प्रशिक्षकों की संख्या किस आधार पर निर्धारित की गई है, यह तस्वीर विस्तृत कार्ययोजना जारी होने के बाद ही साफ होगी।
पिछले कई वर्षों से योग से जुड़ी गतिविधियां समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित होती थीं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की जिम्मेदारी योग आयोग के माध्यम से निभाई जाती थी। इसके अलावा नियमित स्तर पर योग को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां सीमित रही हैं। शुरुआती दौर में योग प्रशिक्षण के लिए कुछ प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी की गई थी, लेकिन बाद में उनका मानदेय बंद होने के कारण यह व्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकी।
समाज कल्याण विभाग से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद योग को स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाया गया। सरकार का तर्क है कि योग को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना अधिक उपयुक्त है। देश में स्वास्थ्य से जुड़ी मान्य चिकित्सा पद्धतियों में योग को भी स्थान दिया गया है। हालांकि, योग शिक्षकों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से होगी और उनकी तैनाती कब तक की जाएगी, इसका विस्तृत खाका अभी सामने आना बाकी है।
सरकार योग को केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। वेलनेस सेंटरों में भी योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों को बढ़ाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य लोगों को फिटनेस, मानसिक शांति और बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूक करना बताया जा रहा है। योजना लागू होने पर योग को प्राथमिक स्वास्थ्य और वेलनेस गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में विस्तार देखने को मिल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार प्रदेश के चार नेचुरोपैथी महाविद्यालयों में से एक में योग का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इससे योग और प्राकृतिक चिकित्सा को साथ लेकर आगे बढ़ने की योजना का संकेत मिलता है। हालांकि, एक संस्थान में योग संचालन से प्रदेशभर में प्रशिक्षकों की आवश्यकता किस तरह पूरी की जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पूरी योजना में करीब 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है। इनकी सीधी नियुक्ति होगी या किसी अन्य माध्यम से प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्कूलों, छात्रावासों और वेलनेस सेंटरों में योजना की प्रभावशीलता केवल प्रशिक्षकों की संख्या पर ही नहीं, बल्कि उनकी योग्यता, नियमित उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था पर भी निर्भर करेगी। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस योजना को किस समय तक लागू करती है और इसका लाभ विद्यार्थियों तथा आम लोगों तक किस स्तर पर पहुंचता है।
