खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे पूर्व सरपंच कैलाश डामोर एवं जनपद सीईओ देवेंद्र बरडिया
Spread the loveखेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे पूर्व सरपंच...
Spread the loveखेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे पूर्व सरपंच...
Spread the loveधमतरी।जिले के केरेगांव वन परिक्षेत्र के...
Spread the love‘छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026 का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें निर्धारित कर दी हैं। सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में इन तीनों अवसरों पर पांच-पांच दिन का अवकाश रहेगा। इस तरह तीनों छुट्टियों को मिलाकर विद्यार्थियों को कुल 15 दिन की छुट्टी मिलेगी। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार अवकाश की अवधि घटाई गई है।
दशहरा पर्व के अवसर पर स्कूल 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक बंद रहेंगे। विद्यार्थियों को लगातार पांच दिन का अवकाश मिलेगा। छुट्टी समाप्त होने के बाद स्कूल निर्धारित शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार दोबारा संचालित होंगे।
दीपावली के लिए 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक छुट्टी निर्धारित की गई है। पांच दिनों के इस अवकाश के दौरान स्कूलों में शिक्षण कार्य नहीं होगा। त्योहार के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कक्षाएं फिर से शुरू होंगी।
शीतकालीन छुट्टियां 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2026 तक रहेंगी। इस दौरान भी विद्यार्थियों को लगातार पांच दिनों का अवकाश मिलेगा। इसके बाद स्कूलों का संचालन तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार होगा।
इस वर्ष तीनों प्रमुख अवकाशों की अवधि में एक-एक दिन की कमी की गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के लिए छह-छह दिन की छुट्टी निर्धारित थी। 2026 में इन तीनों अवसरों पर अब पांच-पांच दिन का अवकाश रहेगा। यानी पिछले साल की तुलना में कुल तीन दिन की छुट्टी कम होगी।
नए कैलेंडर के मुताबिक दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश को जोड़ने पर विद्यार्थियों को कुल 15 दिन की छुट्टी मिलेगी। छुट्टियों की तारीख पहले से निर्धारित होने से विद्यार्थी और अभिभावक पढ़ाई, परीक्षा और पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना बना सकेंगे।
हालांकि, छुट्टियों की अवधि पिछले वर्ष की तुलना में कम किए जाने के कारणों को लेकर विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि अवकाश घटाने के पीछे अतिरिक्त शैक्षणिक दिवस बढ़ाने या शैक्षणिक कैलेंडर को संतुलित करने की क्या वजह रही है।
