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भागलपुर, 15 सितंबर । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्योति कुमार सिंह मंगलवार को सीटीएस चर्च ग्राउंड स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे।
उन्होंने वहाँ शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनके बीच राहत सामग्री का वितरण किया। पीड़ितों की बदहाली देखकर उन्होंने प्रशासन की व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए और सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं।
राहत शिविर में बदइंतजामी और पीड़ितों को समय पर भोजन न मिलने को लेकर ज्योति कुमार सिंह ने ब्लॉक इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर डीएम और सीओ साहब सुबह का नाश्ता करके आराम से दफ्तर आ सकते हैं, तो इन गरीब और बेघर बाढ़ पीड़ितों को सुबह का नाश्ता क्यों नहीं नसीब हो रहा है?”
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ की विभीषिका पर चिंता जताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सरकार के सामने बाढ़ की इस सालाना त्रासदी से मुक्ति के लिए स्थायी समाधान (जैसे मजबूत तटबंध और नदी प्रबंधन) का निर्माण किया जाए।
इस क्षेत्र की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित किया जाए ताकि बड़े पैमाने पर मदद मिल सके। केंद्र सरकार प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए तुरंत 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी करे। राहत के लिए मिलने वाले पैसों का उपयोग केवल पीड़ितों के उत्थान और मदद के लिए हो। इस राशि को किसी दूसरे काम में डायवर्ट न किया जाए।
इस दौरान जमीनी स्तर पर पीड़ितों की मदद के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की युवा टीम के सदस्य भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। राहत सामग्री बांटने और लोगों की समस्याएं सुनने में राणा बिस्वास, यूसुफ खान, अतिकुर वारिस, मून खान, रुचि कुमारी और अलीशा ने सक्रिय भूमिका निभाई। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और लोग अपने घरों को नहीं लौट जाते, तब तक उनका संघर्ष और सेवा कार्य जारी रहेगा।
