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रायपुर। छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने देश का नाम रोशन कर दिया है। गीता यादव और मधु सिदार भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के साथ एशिया कप चैंपियन बनी हैं।
चीन के मोकी में खेले गए फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारत के लिए निर्णायक गोल सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में किया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा रहा। क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0, सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 और फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। जापान के खिलाफ 7-0 और मलेशिया के खिलाफ 11-1 से जीत दर्ज की
इस चैंपियन टीम में छत्तीसगढ़ की दो खिलाड़ी शामिल रहीं। छत्तीसगढ़ से गीता यादव और मधु सिदार ने टीम इंडिया का हिस्सा बनकर शानदार सफर तय किया।
खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों ने बिलासपुर के बहतराई स्थित एक्सीलेंस सेंटर में हॉकी का प्रशिक्षण लिया। यहीं से दोनों ने अपने खेल को निखारा और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
किसान की बेटी गीता का शानदार सफर
कबीरधाम के बोड़ला क्षेत्र की गीता यादव के पिता किसान हैं। स्कूल में उनके खेल को कोच शिव सिंह चौहान ने पहचाना। इसके बाद गीता का चयन बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में हुआ, जहां उन्होंने 2022 से 2024 तक प्रशिक्षण लिया। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम के कैंप में जगह मिली और अब वह एशिया कप विजेता टीम का हिस्सा हैं।
जशपुर के गांव से टीम इंडिया तक मधु
जशपुर के कांसाबेल क्षेत्र के चिरोरा गांव की मधु सिदार ने छठवीं कक्षा से हॉकी शुरू की। रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में रहते हुए उन्होंने हॉकी स्टिक थामी और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। उनके पिता नमित साय सिदार किसान हैं और छह भाई-बहनों में मधु पांचवें नंबर पर हैं।
एक हफ्ते में बना पासपोर्ट
मधु करीब दो महीने पहले भारतीय टीम के कैंप में शामिल हुई थीं। अंतिम चयन तय नहीं होने के कारण उनका पासपोर्ट पहले नहीं बन पाया था। कम उम्र के कारण अभिभावकों से जुड़े दस्तावेज भी जरूरी थे। बाद में प्रशासनिक प्रयासों से करीब एक सप्ताह में उनका पासपोर्ट तैयार कराया गया और मधु टीम के साथ चीन पहुंच सकीं।
जीत के बाद हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया। फाइनल में विजयी गोल करने वाली सानिका चंद्रकांत माने को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया।
