उत्तराखंड में बड़ा हादसा, बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत
Spread the loveउत्तराखंड। उत्तराखंड के चमोली जिले से...
Spread the loveउत्तराखंड। उत्तराखंड के चमोली जिले से...
Spread the loveAaj ka Panchang 31 October 2026:...
Spread the loveAaj Ka Rashifal: आज 31 अक्टूबर...
नई दिल्ली, 11 सितंबर । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। पुतिन का विमान रात करीब तीन बजे नई दिल्ली पहुंचा। हवाई अड्डे पर विदेश राज्यमंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया। रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन का काफिला एयरपोर्ट से रवाना हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आज उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। रूस के राष्ट्रपति राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे।
ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के बाहर हो रहे किसी वैश्विक आयोजन में यह पुतिन की पहली व्यक्तिगत भागीदारी है। द्विपक्षीय वार्ता में एसयू-57 फाइटर जेट और अपडेटेड ब्रह्मोस समेत कई रक्षा समझौतों पर चर्चा हो सकती है। भारत आ रहे विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता के नतीजे अस्थिर वैश्विक हालात खासकर पश्चिम एशिया और यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिक्स देशों में सहयोग पर असर डालेंगे। मोदी-शी और मोदी-पुतिन की बैठकों पर दुनियाभर की निगाहें हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से परेशान देश चीन-भारत के बीच का तनाव खत्म होते देखना चाहते हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव और रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर की दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे। ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन का आयोजन इस वर्ष भारत में हो रहा है।
ब्रिक्स देशों में कौन-कौन
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा ब्रिक्स देशों में वर्ष 2024 में पांच और देश- मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जुड़े। 2025 में इंडोनेशिया को भी इस समूह से जोड़ा गया। ऐसे में 11 देशों के इस समूह के प्रतिनिधि भारत की राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे।
