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नई दिल्ली, 10 सितंबर । कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर तैयार करने के विषय पर ‘स्किल मंथन’ का पहला सत्र आयोजित किया। वर्चुअल संवाद में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले की पहल प्रस्तुत की गईं। इन पहलों में कौशल विकास, उद्यमिता, वित्त, तकनीक और बाजार तक पहुंच को एक साथ जोड़कर महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन विकास, सुधार और बदलाव के वास्तविक इंजन हैं। जिला आधारित योजना के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कौशल विकास की पहल स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार हों और उद्योग, विशेषकर एमएसएमई की आवश्यकताओं से जुड़ी हों।
उन्होंने कहा कि जिला कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से कौशल विकास को जिला प्रशासन के एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया गया है। इससे युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए अधिक प्रभावी, मांग आधारित और परिणाम देने वाली योजनाएं तैयार करने में मदद मिल रही है।
एमएसडीई की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि भारत के कौशल विकास के लक्ष्यों को तभी हासिल किया जा सकता है, जब कौशल विकास स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि जिले की जरूरतों और रोजगार के अवसरों से जुड़ा स्थानीय स्तर का कौशल विकास युवाओं को प्रासंगिक कौशल देने और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में उन्हें बेहतर आजीविका से जोड़ने के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर, एनटीआर जिले के जिलाधिकारी डॉ. जी. लक्ष्मीशा और मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी पहल प्रस्तुत कीं।
मेरठ में महिलाओं के लिए बैडमिंटन रैकेट और शटल कॉक निर्माण का मॉडल प्रस्तुत किया गया। इसके तहत महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। बिजनौर में ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी’ के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को ब्रांडिंग, बाजार तक पहुंच और उद्यम संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
एनटीआर जिले की ‘राइज’ पहल के तहत कौशल विकास, ऋण सुविधा, मार्गदर्शन, रोजगार से जुड़ाव और उद्यमिता सहायता को एक ही व्यवस्था में उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय संस्थाओं को एक साथ जोड़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए टिकाऊ अवसर तैयार करने का मॉडल सामने आया है।
