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आज भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी है और इसके बाद अमावस्या शुरू होगी. इस दिन शिव पूजा, पितरों के स्मरण और दान का विशेष महत्व माना जाता है. पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी.
आज 10 सितंबर 2026 गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि सुबह 10:34 बजे तक रहेगी. इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी. इस दिन सिद्ध योग और मघा नक्षत्र का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप, पितरों के स्मरण और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है.
कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी भगवान शिव की पूजा के लिए खास मानी जाती है. इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाकर भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है. घर में सुख-शांति और मानसिक स्थिरता की कामना से शिव आराधना करना शुभ माना जाता है. साथ ही, मघा नक्षत्र का संबंध पितरों और पूर्वजों से माना जाता है. ऐसे में पितरों का स्मरण करना, जरूरतमंदों को दान देना और सेवा करना भी पुण्यकारी माना गया है.
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:43 बजे और सूर्यास्त शाम 6:09 बजे होगा. चंद्रोदय सुबह 4:39 बजे और चंद्रास्त शाम 5:37 बजे होगा. मघा नक्षत्र दोपहर 2:06 बजे तक रहेगा, जबकि सिद्ध योग शाम 7:17 बजे तक रहेगा.
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11:32 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा. वहीं राहुकाल दोपहर 1:29 बजे से 3:02 बजे तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 8:49 बजे से 10:22 बजे तक और यमघण्ट काल सुबह 5:43 बजे से 7:16 बजे तक रहेगा. शुभ काम की योजना बनाते समय इन समयों का ध्यान रखना बेहतर माना जाता है. इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों सिंह राशि में रहेंगे. गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल माना जाता है, इसलिए परंपरा के अनुसार इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है.
