आपका राशिफल 27 अक्टूबर
Spread the loveराशिफल : 27 अक्टूबर, 2026 मेष...
Spread the loveराशिफल : 27 अक्टूबर, 2026 मेष...
Spread the love भोपाल, 26 अक्टूबर । मध्य...
Spread the love उज्जैन, 26 अक्टूबर । मध्य...
नई दिल्ली, 09 सितंबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं का प्रबंधन किसी पारंपरिक कक्षा या उपदेश से नहीं, बल्कि दैनिक शाखा, संस्कारों और व्यावहारिक कार्यप्रणाली के जरिए व्यक्ति के भीतर स्वाभाविक रूप से विकसित किया जाता है। इसी पर आधारित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पुस्तक के हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद का मंगलवार को यहां विमोचन किया गया।
मूल रूप से मराठी में प्रकाशित पुस्तक ‘संघातील मानवी व्यवस्थापन: एक स्वयंसेवकाच्या नजरेतून’ का हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद रूपा पब्लिकेशंस ने ‘आरएसएस में मानव संसाधन प्रबंधन: मेरे अनुभव और सीख’ नाम से प्रकाशित किया है। नई दिल्ली स्थित 2, मोतीलाल नेहरू प्लेस में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी ने मीडिया और गणमान्य अतिथियों से संवाद किया।
उन्होंने कहा कि संघ में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं का प्रबंधन किसी पारंपरिक कक्षा या उपदेश के माध्यम से नहीं, बल्कि दैनिक शाखा, संस्कार और व्यावहारिक कार्यप्रणाली के जरिए विकसित होता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति से टीम निर्माण, कार्यों का विभाजन, अधिकारों का विकेंद्रीकरण और वित्तीय ऑडिट के साथ प्रदर्शन ऑडिट की समझ विकसित होती है।
पुस्तक में संघ के इतिहास या प्रमुख व्यक्तियों के पारंपरिक वर्णन के बजाय शाखा प्रणाली, मानव संसाधन विकास, सेवा-भाव और कार्यकर्ताओं के प्रबंधन की कार्यपद्धति का विश्लेषण किया गया है। यह भारतीय संदर्भ में मानव संसाधन प्रबंधन, टीम भावना और कार्यकुशलता को समझने का दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
गडकरी ने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और समर्पित टीम के दम पर सीमित संसाधनों में भी बड़े काम किए जा सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग में 19 हजार कर्मचारी 3,600 करोड़ रुपये का बजट संभालते थे, जबकि महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने 49 लोगों की समर्पित टीम के साथ 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट पूरे किए।
