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Aaj Ka Panchang: बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, दोपहर 12:31 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी. भगवान शिव की पूजा के साथ आज अभिजित मुहूर्त, अमृत काल और शिव योग जैसे शुभ समय भी रहेंगे. वहीं राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड के दौरान शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं 9 सितंबर को सूर्योदय-सूर्यास्त, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल समेत दिनभर का पूरा पंचांग.
9 सितंबर 2026 (बुधवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व है, इसलिए भगवान शिवरात्रि की पूजा करना फलदाई रहेगा. शिव जी की आराधना करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है.
बुधवार सुबह 6:15 बजे सूर्योदय और शाम 6:33 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 4:07 बजे चंद्रोदय और शाम 5:27 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा. जबकि चंद्रमा दोपहर 3:14 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
बुधवार को रात 9:52 बजे तक शिव योग रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा. अभिजित मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल दोपहर 1:42 से 3:12 बजे तक रहेगा.
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:24 बजे से 1:56 बजे और गुलिक काल सुबह 10:52 से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 7:47 से 9:19 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
बुधवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा और शाम को सिंह राशि में प्रवेश करेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
