नलखेड़ा: कुएं में मिले महिला और तीन वर्षीय बेटे के शव, ससुराल पक्ष पर परिजनों ने लगाए आरोप
Spread the loveSpread the love
Spread the loveSpread the love
Spread the loveकटनी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में...
रायगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में रायगढ़ को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने शुक्रवार को शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजोन, पुल, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, नालंदा परिसर, खेल एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का जायजा लेते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वित्त मंत्री चौधरी ने दूध डेयरी ऑक्सीजोन से निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर, एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव, कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन का निरीक्षण किया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शहर की अधोसंरचना को मजबूत कर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की गहन निगरानी की जा रही है, ताकि विकास कार्य तेजी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास के अनुरूप रायगढ़ में जिस स्तर की अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए थी, वह लंबे समय तक अपेक्षित गति से नहीं बन पाई। इसके कारण शहर को यातायात, भारी वाहनों, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने रिंग रोड को रायगढ़ के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जा रहा है, जिस पर 400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना है।
भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगी। हमारा प्रयास है कि शहर को बेहतर सड़क, पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और मजबूत अधोसंरचना मिले, जिससे नागरिकों के जीवन में व्यापक बदलाव आए। निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी, इंजीनियर तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
