नलखेड़ा: कुएं में मिले महिला और तीन वर्षीय बेटे के शव, ससुराल पक्ष पर परिजनों ने लगाए आरोप
Spread the loveSpread the love
Spread the loveSpread the love
Spread the loveकटनी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में...
कटिहार, 04 सितंबर । जिले में लगातार हो रही वर्षा और गंगा तथा कोशी नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कुर्सेला प्रखंड अंतर्गत जरलाही पंचायत के गुमटी टोला और 12 नंबर स्पर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी तैयारियां अविलंब पूरी करने और तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का सख्त निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता (आपदा) एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी सहित प्रखंड और अंचल स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक दल ने नदी के बढ़ते जलस्तर तथा आसपास के संभावित प्रभावित गांवों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी और संबंधित अभियंताओं को जलजमाव, सड़कों की स्थिति और आवागमन पर लगातार पैनी नजर बनाए रखने को कहा।
तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंगा और कोशी के जलस्तर की निरंतर निगरानी के साथ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सुरक्षात्मक व राहत कार्य चलाए जाएं। जहां भी सड़कें अथवा संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी शीघ्र मरम्मत कराई जाए और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों की तैनाती, दवाओं की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों से बचाव के पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया है, ताकि सभी विभाग बेहतर समन्वय से आपात स्थिति से निपट सकें।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि भारी बारिश और नदियों में उफान को देखते हुए जलजमाव, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। लोगों से प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा नियंत्रण कक्ष को सूचित करने का आग्रह किया गया है।
