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भागलपुर, 02 सितंबर । तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा शिक्षा संस्कृति उत्यान न्यास, नई दिल्ली के सहयोग से इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 4 ए ग्लोबल नेरेटिव विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 27 एवं 28 नवम्बर, 2026 को हाइब्रिड मोड में होने जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य संरक्षक तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति, प्रो बी. एस. झा एवं संरक्षक कुलसचिव सह संकायाध्यक्ष वाणिज्य, प्रो रामाशीष पूर्वे हैं।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य “भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता को आधुनिक शिक्षा तथा संयुक्त राष्ट्र में सतत विकास लक्ष्य-4 के संदर्भ में वैश्विक स्तर पर होने वाले उसके लाभ को सामने लाना है। सतत विकास लक्ष्य-4 का मुख्य उद्देश्य सभी के लिए समावेशी, समानतापूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना तथा आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय भाषाओं, संस्कृति, मूल्यों तथा स्थानीय ज्ञान को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। इसी संदर्भ में यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक शिक्षा में जोड़ते हुए एसडीजी-4 की वैश्विक उपलब्धि में इसके विभिन्न स्तरों पर इसके योगदान के विषय पर विचार-विमर्श को महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
सम्मेलन में भारतीय शिक्षा की ऐतिहासिक एवं दार्शनिक पृष्ठभूमि शिक्षा के संवैधानिक प्रावधान, आईकेएस एवं एसडीजी-4 समग्र शिक्षा, नैतिकता एवं मूल्य, आजीवन शिक्षा, महिला एवं ज्ञान हस्तांतरण, स्वदेशी ज्ञान प्रणाली, एनईपी-2020, तकनीक एवं नवाचार शिक्षा का मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य, भाषा एवं शिक्षा तथा आधुनिक शिक्षा में आईकेएस के समावेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध-पत्र आमंत्रित किये गए हैं।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, विशेषज्ञों के सहभागिता की अपेक्षा है। भारतीय ज्ञान परंपरा पर भागलपुर में आयोजित होने वाला यह पहला सम्मेलन है। सम्मेलन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में आरंभ हो गई है। पंजीकरण के लिए 30 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। यह जानकारी पी. आर. ओ. डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने दी।
