-बारिश के कहर में खरीफ की तिल, उड़द, मूंगफली की फसलें भी चौपट
हमीरपुर, 01 सितम्बर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से सैकड़ों कच्चे मकान ढह गए। खरीफ की तिल, उड़द और मूंगफली की फसलें बर्बाद हो गई। नदी-नाले उफनाने में कई गांवों को जोड़ने वाला रपटा भी धंस गया। एक रपटा तेज बहाव में बह गया है। बारिश का कहर सर्वाधिक राठ तहसील में पड़ा है, जहां प्रशासन के अफसरों के आफिस और आवास के बाहर भारी जलभराव है। प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए अब बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी (डीएम) अभिषेक गोयल ने मंगलवार को दोपहर पत्रकाराें काे बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश का दौर चलने से सैकड़ों मकानों को क्षति पहुंची है। नहरों के आसपास बोई गई खरीफ की तिल, उड़द और अन्य खरीफ की फसलें पानी से प्रभावित हुई है। तहसील स्तर पर राजस्व कर्मियों की टीमें सर्वे के लिए लगाई गई है। सर्वे के बाद प्रभावित इलाकों में पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दैवीय आपदा से अतिरक्त फंड की डिमांड शासन से की गई है।
उन्हाेंने बताया कि लगातार बारिश से समस्याएं आई है, जिन्हें लेकर अधिकारियों को लगया गया है। कुछ गांवों में पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण कराकर आने जाने रास्ते दुरुस्त कराए जा रहे हैं। अभी फिलहाल हमीरपुर जिले की यमुना और बेतवा समेत अन्य नदियों में बाढ़ की स्थिति नही है। यहां दोनों नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। कहीं से भी पानी डिस्चार्ज किए जाने का कोई अलर्ट नहीं है। नदियों में नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
अधिकारियों व पुलिस को दिन में दो बार मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अर्जन सहायक परियोजना की नहरों के कार्य दो महीने में पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिए गए है। कोशिश की जाएगी कि रबी के सीजन में इस परियोजना की नहर से किसानों को पानी मिल जाए। बारिश से राठ तहसील में जगह-जगह जलभराव है। इस समस्या के स्थायी इंतजाम कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में रोडवेज बस स्टैंड का नया वर्कशाप भवन बेतवा नदी पार कुछेछा में बन रहा है। एक दो महीने में यहां का बस स्टैण्ड नए वर्कशाप में शिफ्ट कराने का प्रयास किया जाएगा। नए वर्कषशाप में बस स्टैण्ड शिफ्ट होन से हमीरपुर में जाम का समस्या से निजात मिलेगी। कानपुर-सागर नेशनल हाइवे में बारिश से हुए गड्ढों की मरम्मत के लिए हाइवे अथारिटी को लिखा गया है। –