दुर्ग। जिले में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों और उनके परिवारों से लाखों रुपये ठगने वाले दो आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस विभाग और नगर सेना (होमगार्ड) में भर्ती कराने के नाम पर कुल ₹20 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को सुपेला और पुलगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक आरोपी पिछले काफी समय से फरार चल रहा था जिसे रायपुर से दबोचा गया, वहीं दूसरे आरोपी ने 15 किस्तों में लाखों रुपये ऐंठे थे। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पहला मामला स्मृति नगर चौकी (थाना सुपेला) का है, जहां आरोपी तोपचंद धनकर ने एक महिला के पति को चालक और भाई को पुलिस में आरक्षक बनवाने का झांसा देकर ₹14 लाख से अधिक ऐंठ लिए थे। आरोपी के खिलाफ पहले से स्थाई वारंट लंबित थे और वह फरार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रायपुर के उरला से गिरफ्तार किया और उसके पास से मोबाइल व दस्तावेज बरामद किए।
वहीं दूसरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है, जहां इसरार खान नामक आरोपी ने नगर सेना के बड़े अधिकारियों से पहचान का दावा कर एक महिला के पति से 15 किस्तों में ₹6.30 लाख ठग लिए। नौकरी न मिलने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। पीड़िता की शिकायत पर पुलगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। ASP मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि “जिले में शासकीय नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सुपेला क्षेत्र में पुलिस विभाग में नौकरी का झांसा देकर 14 लाख रुपये और पुलगांव क्षेत्र में नगर सेना में भर्ती के नाम पर 6.30 लाख रुपये की ठगी की गई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आम जनता से अपील है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर पैसे का लेन-देन न करें।”