सौम्ययशा श्री जी का देवलोकगमन
Spread the loveप्रो. सतीश चोपड़ इंदौर/देपालपुर: परम पूज्य गुरुदेव मालव देश दीपिका...
Spread the loveप्रो. सतीश चोपड़ इंदौर/देपालपुर: परम पूज्य गुरुदेव मालव देश दीपिका...
Spread the love नई दिल्ली। नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवासन...
Spread the love’पिछले ढाई सालों में 12,666 करोड़ के 1572 कार्यों को...
-यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने का किया आह्वान
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में जापानी तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ भारतीय किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश को जापानी कंपनियों के निवेश के लिए मजबूत डेस्टिनेशन बताया।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ किसानों, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंचना चाहिए। भारत में विशाल बाजार, बड़ी युवा आबादी और कृषि क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में जापान के साथ तकनीकी और औद्योगिक सहयोग से कृषि में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। उन्होंने जापानी उद्योग और संस्थानों से ऐसी तकनीक और मशीनरी विकसित करने का आग्रह किया, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी उपयोगी और आसानी से उपलब्ध हो।
उल्लेखनीय है कि यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें 200 से अधिक जापानी उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में जापानी कंपनियों के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
यूपी का महत्वपूर्ण पार्टनर है जापान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी बड़ी कंज्यूमर मार्केट, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण वैश्विक निवेश के लिए मजबूत डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। जापान उत्तर प्रदेश का विशेष और महत्वपूर्ण पार्टनर है तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जापान यात्रा ने दोनों पक्षों के संबंधों को और मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश में शक्ति, परंपरा, प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, इनोवेशन और बड़े बाजार की क्षमता मौजूद हैं। उन्होंने जापानी उद्योग जगत का आह्वान करते हुए कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के टैलेंट एवं बाजार की संभावनाओं को साथ लाकर रोजगार, इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ के असीमित नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
किसानों की उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत
कृषि मंत्री ने कहा कि आज जरूरत ऐसी तकनीक की है, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़े, पानी की खपत और उत्पादन लागत कम हो तथा किसानों की आय में वृद्धि हो। कृषि क्षेत्र में होने वाली रिसर्च का सीधा लाभ खेत तक पहुंचना चाहिए। रिसर्च केवल पेपर तक सीमित न रहे, बल्कि उसे ऐसे उत्पाद और तकनीक में बदला जाए, जिसे किसान आसानी से अपना सकें।
ग्रामीण युवाओं को भी विकास यात्रा से जोड़ने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कृषि तकनीक के साथ गांव के युवाओं को जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई कृषि मशीनरी और तकनीक के संचालन, रखरखाव तथा उससे जुड़े व्यवसायों में ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इससे गांव का युवा विकास यात्रा का केवल दर्शक नहीं, बल्कि उसका सक्रिय भागीदार बनेगा। उन्होंने जापान से कृषि तकनीक के क्षेत्र में भारत को ग्लोबल सेंटर बनाने में सहयोग करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग के बीच बेहतर तालमेल से किसानों के लिए उपयोगी तकनीक विकसित की जा सकती है।
भारत-जापान संबंध केवल निवेश तक सीमित नहीं
शिवराज सिंह चौहान ने भारत और जापान के संबंधों को दो देशों के साथ-साथ दो संस्कृतियों के बीच मजबूत साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति तथा जापान की तकनीकी दक्षता और औद्योगिक क्षमता मिलकर विकास की नई राह तैयार कर सकती है। जापान के साथ भारत की साझेदारी को केवल निवेश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। तकनीक, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग इसका महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
