धरना, प्रदर्शन, सभा, रैली, जुलूस, नारेबाजी पूर्णतः प्रतिबंधित उत्तर बस्तर कांकेर 15 अप्रैल 2026 कलेक्टर एवं जिला...
साल भर में वसूला 26 लाख से अधिक का जुर्माना जगदलपुर 15 अप्रैल 2026 बस्तर जिले में...
उत्तर बस्तर कांकेर 15 अप्रैल 2026 देश में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा...
जगदलपुर 15 अप्रैल 2026 महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास...
रायपुर, 15 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-धरसींवा आरंग नदी परियोजना...
♈ मेष (Aries) आज ऊर्जा अच्छी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। भावनात्मक संतुलन बनाए...
नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट मुद्दे पर दिल्ली से खबर आ रही हैं कि भारतीय विदेश मंत्री...
नई दिल्ली । कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के चलते देश में पेट्रोल और डीजल की...
गुरुग्राम, भारत – 10 अप्रैल, 2026 – सैमसंग अपने वन यूआई 8.5 बीटा प्रोग्राम का विस्तार और अधिक गैलेक्सी डिवाइसों तक कर रहा...
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता में काफ़ी बढ़ोतरी की है, ताकि देश भर में प्रवासी मज़दूरों और संवेदनशील समुदायों को खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन आसानी से और किफ़ायती दरों पर मिल सके। एक सक्रिय कदम उठाते हुए, मंत्रालय ने पूर्व आपूर्ति सीमा को हटा दिया है और 7 अप्रैल से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 5 किलोग्राम सिलेंडरों का रोज़ाना का आवंटन दोगुना कर दिया है। खासतौर पर शहरी एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए यह कदम बढ़ाया गया है। मंत्रालय ने सिलेंडर प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। अब उपभोक्ता अपने पहचान पत्र जैसे आधार या पैन कार्ड तथा सेल्फ-डेक्लेशन के साथ सिलेंडर ले सकते हैं; उन्हें पते का स्थायी प्रमाण प्रस्तुत नहीं करना होगा। उम्मीद है कि इस पहल से प्रवासी मज़दूरों, दिहाड़ी मज़दूरों और छात्रों को लाभ होगा, क्योंकि उन्हें खाना पकाने के लिए सुविधाजनक ईंधन आसानी से सुलभ हो सकेगा। मज़बूत माँग और प्रभावी ’लास्ट-माइल डिलीवरी’ को सुनिश्चित करते हुए, 23 मार्च से 9 अप्रैल के बीच देश भर में 8.9 लाख से ज़्यादा 5 किलोग्राम सिलेंडर बांटे गए; 7 अप्रैल को एक ही दिन में 1.1 लाख से ज़्यादा सिलेंडरों की बिक्री का रिकॉर्ड बना। साथ ही, लोगों को जागरूक बनाने और सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में 1,600 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। राज्य सरकारें, तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर, एक समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वितरण का सक्रिय प्रबंधन कर रही हैं।
