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मुंबई, 5th अगस्त, 2026: महाराष्ट्र के राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर 14 जुलाई, 2026 को मंत्रालय में ‘AI साथी फॉर एजुकेटर्स’ के लॉन्च की घोषणा की। महाराष्ट्र के माननीय शिक्षा मंत्री, श्री दादाजी भुसे ने AI साथी कोर्स का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं खेल विभाग के मुख्य सचिव श्री रंजीत सिंह देवल; शिक्षा आयुक्त श्री सचिंद्र प्रताप सिंह; SCERT के निदेशक डॉ. हेमंत वासेकर; महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री नंदकुमार बेडसे; माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री महेश पालकर; प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री शरद गोसावी; SCERT की उप-निदेशक सुश्री वर्षारानी भोपाले; सब-डिवीजन प्रमुख श्री राजेंद्र वाकड़े; IT विभाग के उप-विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप मुले; तथा कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से सुश्री अलका पगारे, श्री मिलिंद पांडे और श्री दीपक पाठक; इस पहल को आगे बढ़ाने वाली मुख्य प्रोजेक्ट डेवलपमेंट टीम के अहम सदस्यों में संयुक्त निदेशक डॉ. कमलादेवी अवटे; IT विभाग की उप-निदेशक सुश्री ज्योति शिंदे और IT विभाग के अधीक्षक श्री निवास कांबले ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। व्यवस्थित तरीके से व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए पहली बार इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बुनियादी जानकारी देना और शिक्षा के क्षेत्र में AI के सही तरीके से उपयोग को संभव बनाना है।
AI साथी पहला ऐसा वर्चुअल कोर्स है, जिसे महाराष्ट्र राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन प्रशिक्षण नीति के तहत अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में चुना गया है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए निर्धारित 20 घंटे के ज़रूरी ऑनलाइन प्रोफेशनल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के तहत, AI साथी कोर्स के लिए चार घंटे की सर्टिफाइड ट्रेनिंग तय की गई है।
महाराष्ट्र के लगभग 7.5 लाख शिक्षकों और अधिकारियों के लिए यह कोर्स अनिवार्य होगा, जिसमें पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक के शिक्षक शामिल हैं। SCERT के अनुसार, मूल्यांकन के लिए भेजे गए 10 कोर्स में से ‘AI साथी’ को चुना गया। यह कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके ज़रिये राज्य में शिक्षकों को AI की जानकारी देकर उनकी क्षमता बढ़ाने में फाउंडेशन के योगदान को सम्मानित किया गया है।
*नेतृत्वकर्ताओं का नज़रिया*
माननीय आयुक्त (शिक्षा), श्री सचिंद्र प्रताप सिंह (IAS) ने कहा, “AI साथी ऑनलाइन कोर्स राज्य के सभी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि, इस कोर्स के ज़रिए AI शिक्षकों के रोज़मर्रा के शैक्षणिक कामों में उनका सहयोगी बन जाएगा। राज्य सरकार ने इस ऑनलाइन कोर्स के ज़रिये AI को शिक्षा का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।”
इस अवसर परमाननीय निदेशक, डॉ. हेमंत वासेकर (IAS) ने कहा, “आजकल देखा जाए तो AI हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में शामिल है और यह शिक्षकों के लिए सबसे भरोसेमंद साथी बन सकता है। मुझे पूरा यकीन है कि इस कोर्स के ज़रिये शिक्षक अपने काम को और भी ज्यादा कारगर और कुशल तरीके से पूरा कर पाएंगे।”
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के CEO, श्री गणेश राजा ने कहा,”शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की जगह हमेशा सबसे ऊपर रही है, और मुझे लगता है कि AI को एक ऐसे टूल के रूप में विकसित करना चाहिए जो शिक्षकों की जगह लेने के बजाय उनकी क्षमताओं को और बढ़ाए। AI साथी फॉर एजुकेटर्स के ज़रिये, हम AI को समझने, उसे अपनाने और ज़िम्मेदारी से उसका इस्तेमाल करने में पूरे महाराष्ट्र के शिक्षकों की मदद कर रहे हैं। यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि यह मराठी भाषा में उपलब्ध है और कक्षा में इसे उपयोग में लाने ज्यादा ज़ोर दिया गया है। हम आने वाले समय के लिए शिक्षकों का एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं, जिसमें सब शामिल हों और जो उपयोगी होने के साथ-साथ कक्षा की ज़मीनी हकीकत से गहराई से जुड़ा हुआ हो।”
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की COO, सुश्री जयश्री रमेश ने कहा: “AI साथी इस बात की मिसाल है कि नए जमाने की टेक्नोलॉजी और ज़मीनी स्तर पर असर, ये दोनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। महाराष्ट्र के शिक्षकों को पहली बार एक ऐसा साधन मिला है, जो उनसे उनकी अपनी मराठी भाषा में बातचीत करता है, और AI साक्षरता का ऐसा स्तर तैयार करता है जो अकेले किसी भी डिवाइस के बस की बात नहीं। जब शिक्षक पूरे आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ अगुवाई करते हैं, तो उस कक्षा के हर बच्चे को लाभ होता है। हम इसी बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।”
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन ने साल 2023 से ही शिक्षकों के कौशल को बढ़ाने की अपनी पहलों में AI को शामिल करना शुरू किया, ताकि शिक्षकों को अपनी-अपनी कक्षाओं में नई तकनीकों का पूरे आत्मविश्वास के साथ, ज़िम्मेदारी से और सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सके। साल 2024–25 के दौरान, KEF की ओर से AI के असल जिंदगी में इस्तेमाल पर वेबिनार आयोजित किए, जिसमें पाठ की योजना बनाना, पठन सामग्री तैयार करना, कक्षाओं में छात्रों की भागीदारी बढ़ाना, मूल्यांकन करना और AI का नैतिक इस्तेमाल करना शामिल था। KEF की ओर से आयोजित राष्ट्रीय नवाचार शिखर सम्मेलन, INSPIRE 2025 के माध्यम से इन प्रयासों को और मज़बूती मिली, जहाँ शिक्षा में AI की भूमिका तथा पढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में इसके महत्व पर चर्चा की गई, और यह भी स्पष्ट किया गया कि टेक्नोलॉजी शिक्षकों की मदद करने के लिए है, उनकी जगह लेने के लिए नहीं। इस सिलसिले को जारी रखते हुए, SCERT महाराष्ट्र ने कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर एक ऐसा AI कोर्स तैयार किया, जिसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके और जो शिक्षकों की जरूरतों को पूरा करे।
