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रायपुर। राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ की बढ़ती धाक के मद्देनजर रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में खेलों और खिलाडिय़ों के विकास के लिये कमर कसते हुए आज उपमुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव नेबड़ा फैसला लेते हुए सूबे के छह नए जिलों में जिला खेल अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की स्वीकृति दे दी गई है। इन नियुक्तियों से स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों के संचालन और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।जिन जिलों में जिला खेल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी उनमें मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सक्ती, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही शामिल हैं। मंगलवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी उपमुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव ने दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और सरकार खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर और जशपुर में करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण कार्य जारी है, जिससे प्रदेश के खिलाडिय़ों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी। खेल मंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की शुरुआत की है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रशिक्षण देना और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।14 प्रशिक्षकों को आधुनिक खेल प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है, जहां वे नवीनतम तकनीकों और खेल विज्ञान का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रदेश के खिलाडिय़ों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हॉकी खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा और खेल संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।
