CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी
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100 करोड़ के ‘मेरु’ अनुदान और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों से सशक्त हो रहे बस्तर के युवा
सहायक संचालक
रायपुर, 31 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के ऐतिहासिक सहयोग और राज्य सरकार के समर्पित प्रयासों से बस्तर संभाग में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। विशेषकर बस्तर के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कई बड़े और बुनियादी कदम उठाए गए हैं। छतीसगढ़ सरकार और प्रशासन द्वारा बस्तर के युवाओं को उच्च शिक्षा व आगे बढ़ने के लिए ‘छू लो आसमान’, ‘ज्ञानगुड़ी’ और ‘हमर लक्ष्य’ जैसी विशेष पहल चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिए स्थानीय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग, आर्थिक सहायता और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल रहा है।
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए का अनुदान
बस्तर के युवाओं को विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’ (PM-USHA) के अंतर्गत ‘मेरु’ (Multi Educational Research University- MERU) योजना के तहत शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर को 100 करोड़ रुपये का विशाल अनुदान प्रदान किया गया है। इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय में नवीन निर्माण, अधोसंरचना के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की खरीद तथा कार्यशाला, प्रशिक्षण, सेमिनार और कौशल विकास जैसे सॉफ्ट कंपोनेंट्स के लिए किया जाएगा।
20 नए विभाग और 365 पदों की स्वीकृति
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के व्यापक विस्तार के लिए 20 नए विभाग खोले गए हैं। शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 200 शैक्षणिक तथा 165 अशैक्षणिक (कुल 365) पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे अंचल के युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन और पठन-पाठन का वातावरण मिल सकेगा।
रोजगारोन्मुखी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर जोर
युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय में कई व्यावसायिक व आधुनिक पाठ्यक्रमों की अनुमति दी गई है। इसमें शारीरिक शिक्षा, फार्मेसी, विधि (Law) तथा 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP – Integrated Teacher Education Programme) का संचालन शामिल है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में ‘इनोवेशन महाकुंभ’ जैसे आयोजनों से छात्रों में नई सोच और तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिल रहा है।
कॉलेजों के अधोसंरचना विकास के लिए 65 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति
बस्तर अंचल में शासकीय महाविद्यालयों के ढांचागत विकास को मजबूती देने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु 65 करोड़ रुपये के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस राशि से कॉलेज भवनों, अतिरिक्त कक्षों, बाउंड्रीवाल तथा छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।
जिला मुख्यालयों के प्रमुख कॉलेजों को 5-5 करोड़ का विशेष फंड
बस्तर संभाग के जिला मुख्यालयों में स्थित उच्च शिक्षा संस्थानों की अधोसंरचना तथा कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर को 5 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है। इसी तरह शासकीय इंदरु केंवट कन्या महाविद्यालय, कांकेर को भी 5 करोड़ रुपए का अनुदान नवीन निर्माण, उन्नयन एवं उपकरण खरीदी हेतु स्वीकृत किया गया है।
नए शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों का शुभारंभ और सीटों में वृद्धि
विगत दो वर्षों में बस्तर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा का प्रकाश फैलाने के लिए नगरनार और किलेपाल में 02 नए शासकीय महाविद्यालय शुरू किए गए हैं। साथ ही कंगोली (जगदलपुर) में एक अशासकीय महाविद्यालय खोलने की अनुमति भी दी गई है। युवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए महाविद्यालयों में सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है तथा नए संकाय व रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उच्च शिक्षा का बजट 50% बढ़ाकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे इन दूरगामी परिवर्तनों और बुनियादी सुधारों से बस्तर का युवा न केवल शिक्षित हो रहा है, बल्कि रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए तैयार हो रहा है।
