अमित शाह ने चक्रवात अर्नब पर चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन बुधवार देर रात हिंसक हो गया। दिनभर शांतिपूर्ण माहौल के बाद रात में प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। हालात बिगड़ने पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक देर रात जंतर-मंतर के सामने बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर मौजूद थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ पुलिसकर्मियों और कुछ उपद्रवियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ युवकों ने पुलिसकर्मियों का पीछा कर उन्हें घेर लिया।खुद को छुड़ाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। झड़प के दौरान एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। उन्हें तत्काल राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है। हालात बेकाबू होते देख भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और RAF के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों ने जवानों से डंडे छीनने की कोशिश की। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया गया।इससे पहले पूरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से सैकड़ों छात्र और नागरिक दिल्ली पहुंचे। दोपहर तक हालात ऐसे हो गए कि कई प्रदर्शनकारी पेड़ों पर चढ़कर झंडे लहराते नजर आए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में स्कूली छात्रों से लेकर बुजुर्ग और नौकरीपेशा लोग भी शामिल रहे। जंतर-मंतर पर देर रात हुई हिंसा ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है। अब यह प्रदर्शन केवल भर्ती और परीक्षा के मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कानून-व्यवस्था और राजनीतिक टकराव का भी केंद्र बनता नजर आ रहा है।
