नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
दौरे का सबसे अहम पहलू करीब 2,500 करोड़ रुपये के ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस रक्षा समझौते पर सहमति बन सकती है। इसके अलावा कई अन्य द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिससे भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मंदिर की यात्रा को दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देश मुक्त, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।
इंडोनेशिया का तीसरा दौरा
यह प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया का तीसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने मई 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जब दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। उस दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कनेक्टिविटी सहित 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी थी। इसके बाद सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें ईस्ट एशिया समिट में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया पहुंचे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भी और अधिक मजबूत करेगी।
