उप मुख्यमंत्री अरुण साव निकले स्कूटी पर, शहर भ्रमण कर सफाई और निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
Spread the loveसफाई व्यवस्था बेहतर करने और नियमित...
Spread the loveसफाई व्यवस्था बेहतर करने और नियमित...
Spread the love 50 सीटों के साथ इसी...
Spread the love– 1.22 करोड़ के कार्यों का...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस बयान में उन्हें अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा कि ताकाइची की यह भारत की पहली यात्रा है और जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री का स्वागत करना खुशी की बात है।
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा का संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत देश में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गोबरधन योजना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दोनों नेताओं ने बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर एनर्जी, निवेश, रक्षा, स्टार्टअप, रिसर्च और इंडो-पैसिफिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। मोदी ने कहा कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे, जिसे दोनों देश विशेष रूप से मनाएंगे।
ताकाइची बोलीं- मोदी मेरे बड़े भाई जैसे
ताकाइची ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी सुंदर छोटी बहन कहा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते को भाई-बहन की तरह आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक नीति और भारत की महासागर पहल एक-दूसरे की पूरक हैं। इसी वजह से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
मोदी बोले- ऑटो सेक्टर जैसी साझेदारी अब एविएशन में भी होगी
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ऑटोमोबाइल सेक्टर की सफलता को अब जहाज निर्माण, एविएशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी दोहराएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश टैलेंट मोबिलिटी, स्किल डेवलपमेंट, टेक्निकल इंटर्नशिप, रिसर्च, शिक्षा और स्टार्टअप में सहयोग बढ़ाएंगे। मोदी ने बताया कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होंगे। इस मौके पर संस्कृति, पर्यटन और क्रिएटिव इकोनॉमी में भी साझेदारी मजबूत की जाएगी।
भारत-जापान बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाएंगे
मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और जापान ने तेल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ऊर्जा सुरक्षा पर नई पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि दोनों देश बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। मोदी ने कहा कि भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा को साझा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन को साझा अवसर मानते हैं। इसी दिशा में दोनों देशों ने इंडिया-जापान नेक्स्ट-जनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क भी लॉन्च किया है।
भारत-जापान ने आर्थिक सुरक्षा का रोडमैप बनाया
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। पीएम ने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी कई अहम फैसले किए हैं। इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे गोबरधन योजना को मजबूती मिलेगी और गांवों में टिकाऊ विकास, समृद्धि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी बोले- भारत-जापान भरोसे के मजबूत साझेदार
मोदी ने कहा कि आज के वैश्विक अस्थिर माहौल में आपसी भरोसा सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है और भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई क्षेत्रों में जापान ने भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दोनों देशों के बीच दोस्ती और भरोसे का मजबूत रिश्ता बना है। प्रधानमंत्री ताकाइची की भारत यात्रा के साथ भारत-जापान की स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
