नवरात्रि-दशहरा से पहले ऑटो बाजार में बूम, 19 हजार गाड़ियों की प्री-बुकिंग
Spread the loveरायपुर। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली से पहले...
Spread the loveरायपुर। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली से पहले...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग...
Spread the loveधमतरी। ग्राम मोहारा में पितर कार्यक्रम...
इंदौर : ओरिएंटल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय (OCPR एवं UIP) द्वारा दिनांक 25 जून 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में “नशा मुक्त अभियान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सत्र का शुभारंभ एक परिचयात्मक संबोधन के साथ हुआ, जिसमें नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शराब, तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों पर आधारित एक जागरूकता डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे की लत के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक दुष्परिणामों से अवगत कराया गया तथा रोकथाम, आत्म-अनुशासन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस सत्र ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों को समझने में सहायता प्रदान की तथा जिम्मेदार एवं नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम माननीय कुलाधिपति श्री प्रवीण ठाक्राल, माननीय प्रो-कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, माननीय प्रो-कुलाधिपति श्री गौरव ठाक्राल, माननीय मुख्य प्रबंध निदेशक प्रो. (डॉ.) गरिमा घई तथा माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक प्रो. (डॉ.) सुधा वेंगुरलेकर एवं सह-संयोजक प्रो. (डॉ.) सचिन के. जैन का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सुचारु संचालन एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सका।
यह अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने तथा स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ
