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फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश
रायपुर, 01 जुलाई 2026

मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, रायपुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन-पत्र में बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट, 1996 एवं राज्य के पेसा नियम, 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्ति अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति संबंधित अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आदिवासियों के हित संबंधित विषयों के समन्वित अध्ययन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग तथा खनिज विभाग के सचिवों को सदस्य बनाकर एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं सुदृढ़ हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्य सचिव ने आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित करने तथा इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, सामान्य प्रशासन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे
