भोजपुर । बिहार के भोजपुर में 17 जून को हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को सही नहीं बताया है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उन्हें तिवारी के बारे में जानकारी मिली है, वह एक हिंदू और सनातनी युवक था जो हिंदुत्व और सनातन के लिए लड़ता था। उन्हें पता चला है कि भरत ने प्रशासन के सामने सरेंडर किया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उस पर गोली चला दी।
धीरेंद्र शास्त्री ने पूरे मामले की गहन जांच की वकालत कर कहा कि अगर भरत अपराधी था, तब उस न्यायपालिका से दंड मिलना चाहिए था। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले की जांच कराने का आग्रह कर कहा कि भगवान ने चाहा तब वह भविष्य में भरत तिवारी के परिवार से मिलूंगा। भरत के परिजनों ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी, क्योंकि भरत ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण किया था। भरत की मां की शिकायत पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ जेश कुमार शर्मा और शाहपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इस घटना के बाद से क्षेत्र में रोष व्याप्त है, भरत के गांव में परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित कर न्याय की मांग की। राजद सांसद सुधाकर सिंह ने भी मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर के लिए पटना से एसटीएफ की टीम भेजी गई थी और उन्होंने सीधे एडीजी कुंदन कृष्णा पर सवाल उठाकर पूछा कि एसटीएफ को भोजपुर किसने भेजा था। सांसद ने यह भी संकेत दिया कि एसटीएफ भेजने के पीछे मुख्यमंत्री का नाम भी हो सकता है, क्योंकि वाहवाही वही ले रहे हैं। इस फर्जी एनकाउंटर को लेकर अब कानूनी दांवपेंच जारी है।
