नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ और जियोहॉटस्टार ने मिलाया हाथ, भारत के सबसे बड़े महाकाव्य को डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में की नई पहल
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बॉलीवुड में छिड़ी IP की बड़ी जंग; क्या है वाशु भगनानी और रमेश तौरानी के बीच का पूरा विवाद? यहां समझें
वाशु भगनानी और रमेश तौरानी के बीच चल रहे इस विवाद का मुख्य मुद्दा फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ से जुड़े गानों के इस्तेमाल को लेकर है, जिसे वाशु भगनानी ने प्रोड्यूस किया था।
वाशु भगनानी के पक्ष का कहना है कि जो गाने सीधे तौर पर ‘बीवी नंबर 1’ की पहचान, उसकी गुडविल (मार्केट में साख) और उसकी यादों (रिकॉल वैल्यू) से जुड़े हुए हैं, उन्हें एक नई फिल्म और एक नई आईपी (Intellectual Property) के लिए इस्तेमाल कर लिया गया है। इस कदम ने अब फिल्म राइट्स (अधिकारों) के दायरे और फिल्म की आईपी सुरक्षा को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।
वाशु भगनानी के समर्थकों का तर्क है कि भले ही म्यूजिक राइट्स का लाइसेंस किसी को दे दिया जाए, लेकिन मूल (ओरिजिनल) फिल्म की पहचान और उसकी विरासत हमेशा उसके प्रोड्यूसर के पास ही रहती है। इसे सही अधिकारों और जरूरी मंजूरियों के बिना किसी भी कॉमर्शियल फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इस मामले पर वाशु भगनानी के वकील ने साफ तौर पर कहा, “उस समय के दौरान, टिप्स (Tips) के साथ जो एग्रीमेंट्स हुए थे, उनमें केवल ऑडियो राइट्स (गाने सुनने के अधिकार) ही दिए गए थे। बाद में 2018 में, टिप्स ने हमें ईमेल करके विजुअल राइट्स (वीडियो इस्तेमाल करने के अधिकार) भी मांगे थे। वाशु भगनानी ने उन्हें जवाब भी दिया, लेकिन उनकी वह बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद पूजा एंटरटेनमेंट द्वारा एक नोटिस भेजा गया, जिसमें टिप्स को दिए गए अधिकारों को कैंसिल कर दिया गया, जिससे उन्हें पहले मिली ऑडियो की अनुमतियां भी खत्म हो गईं। अगर वे कानूनी रूप से इन म्यूजिक राइट्स के मालिक हैं, तो उन्हें अपने डॉक्यूमेंट्स दिखाने चाहिए। यही वजह है कि हमने टिप्स के खिलाफ क्लेम फाइल किया है। न्याय की जीत होगी और सच सबके सामने आएगा।”
मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि रमेश तौरानी अपनी आने वाली फिल्म के लिए पब्लिसिटी बटोरना चाहते हैं और बॉक्स ऑफिस पर मोटी कमाई करना चाहते हैं। लेकिन इस तरह के तरीकों से वाशु भगनानी के साथ सरासर नाइंसाफी हो रही है, जो इस आईपी (IP) के असली मालिक हैं। अगर म्यूजिक लेबल्स पुराने गानों का इस्तेमाल करके एक पूरी तरह से नई फिल्म (नई आईपी) खड़ी कर देंगे, तो फिर ओरिजिनल मालिकों और प्रोड्यूसर्स के पास अपनी फिल्म का कुछ बचेगा ही नहीं।
अब जैसे-जैसे यह मामला कानूनी चैनलों के जरिए आगे बढ़ रहा है, सबसे बड़ा और मुख्य सवाल यही बना हुआ है कि क्या म्यूजिक राइट्स का मालिकाना हक किसी को एक पूरी फिल्म की पहचान, उसकी गुडविल और उसकी विरासत का कॉमर्शियल इस्तेमाल करने की इजाजत देता है? आखिरकार, अब अदालतें ही यह तय करेंगी कि इसकी कानूनी सीमाएं कहाँ तक हैं।
