किसान आसानी से कर रहे हैं यूरिया और डीएपी खाद का उठाव
159 सहकारी समितियों से हो रहा खाद का उठाव
महासमुंद 2 जून 2026
खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी के अनुसार जिले के 159 सहकारी समितियों में खाद का भंडारण किया गया है तथा किसानों की मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 के लिए जिले को 60 हजार 850 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 16 हजार 294 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 26.78 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 7 हजार 720 टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इनमें यूरिया 11 हजार 338 टन, डीएपी 1928 टन, एनपीके 449 टन एवं एसएसपी 1496 टन शामिल है। विभिन्न सहकारी समितियों में किसानों द्वारा खाद का उठाव किया जा रहा है। तोरेसिंहा सहकारी समिति बेलमुंडी अंतर्गत 108 किसानों को खाद का वितरण किया गया। गांव के किसान श्री कमलेश ने बताया कि उन्हें 8 बोरी यूरिया और 3 बोरी डीएपी प्राप्त हुआ। वहीं गांव के किसान श्री शरद और गुलाल ने आसानी से डीएपी और यूरिया मिलने की बात कही।
कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से पॉस मशीन से ही उर्वरक खरीदें एवं रसीद प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें।
