बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
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महासमुन्द 31 मई 2026
जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक श्री रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक श्री पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनी
तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया।
वर्ष 2025-26 में श्री पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
श्री रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। श्री रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।
