तराना। उज्जैन जिले के तराना स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को आध्यात्मिक आस्था और संत परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। उर्ध्वाम्नाय काशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के पावन सानिध्य एवं जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज के मार्गदर्शन में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं ने भगवान शिव का पूजन-अभिषेक किया।
मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के अध्यक्ष गद्दीपति महंत मोहन भारती महाराज ने सभी संतों का स्वागत-अभिनंदन किया। इस अवसर पर नासिक कुंभ की तैयारियों सहित विभिन्न धार्मिक विषयों पर भी चर्चा हुई।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर है। यहां स्थित शिवलिंग अपने अद्भुत चमत्कार के लिए प्रसिद्ध है, जो शुक्ल पक्ष में तिल के दाने के बराबर बढ़ता और कृष्ण पक्ष में उतना ही घटता है। इसी विशेषता के कारण देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि तिलभांडेश्वर महादेव के दर्शन मात्र से ही भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। मंदिर की दिव्यता और आध्यात्मिक शक्ति श्रद्धालुओं को विशेष अनुभूति प्रदान करती है।
जूना अखाड़ा के वरिष्ठ अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर में साक्षात भगवान महादेव विराजमान हैं और यहां श्रद्धा से पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों पर सदैव महादेव की कृपा बनी रहती है।
जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ गाजियाबाद के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि तराना के करंज मार्ग स्थित यह मंदिर सदियों पुराना है। स्थानीय इतिहास के अनुसार इसकी मूल संरचना लगभग वर्ष 1626 में निर्मित हुई थी। बाद में मराठा महारानी देवी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था।
उन्होंने बताया कि श्रावण और भाद्रपद माह में यहां भव्य सवारी, झांकियां और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। महाशिवरात्रि पर विशाल मेला, महाभंडारा एवं विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। मंदिर की जलाधारी में चौबीसों घंटे जल भरा रहना भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और चमत्कार का केंद्र बना हुआ है।
इस अवसर पर महंत केदार पुरी महाराज, महंत उमाशंकर भारती महाराज, महंत महेश पुरी महाराज, महंत आनंदपुरी महाराज, महंत रामेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत आदित्य गिरि महाराज, महंत रत्न गिरि महाराज, महंत ओम भारती महाराज, मंत्री महंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, मंत्री महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पवित्रानंद गिरि महाराज, महंत पृथ्वी गिरि महाराज, दत्त अखाड़ा के पीठाधीश्वर महंत सुंदर पुरी महाराज, साध्वी कैला गिरि, महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरि, साध्वी श्रद्धानंद गिरि, महंत शिवानंद सरस्वती महाराज, महंत राघवेंद्र पुरी महाराज, महंत विद्या गिरि महाराज, थानापति परमानंद गिरि महाराज, चांद गिरि महाराज, नीलकंठ गिरि महाराज, मोनानंद गिरि महाराज, भास्करानंद गिरि महाराज, श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष डॉ. राहुल कटारिया एवं गोविंद सौलंकी सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।