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Spread the love मुंबई | 7 अक्टूबर 2026:...
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वॉशिंगटन,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा प्रशिक्षित एक खतरनाक इराकी आतंकवादी मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी ने इवांका ट्रंप की हत्या की कसम खाई थी। हाल ही में गिरफ्तार किए गए इस आतंकवादी के पास से फ्लोरिडा में इवांका ट्रंप के आवास का नक्शा भी बरामद हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह पूरी साजिश छह साल पहले बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य प्रमुख कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए रची गई थी। अल-सादी सुलेमानी को अपने पिता समान मानता था। उसने सोशल मीडिया पर इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित महलनुमा घर का नक्शा पोस्ट कर धमकी दी थी कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस भी उन्हें नहीं बचा पाएगी और उनका बदला बस समय की बात है। इवांका ट्रंप, जिन्होंने शादी से पहले यहूदी धर्म अपना लिया था, इस साजिश का मुख्य निशाना थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी को 15 मई 2026 को तुर्की में उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह रूस भागने की फिराक में था। प्रत्यर्पण के बाद उसे अमेरिका लाया गया है, जहां उस पर यूरोप और अमेरिका में 18 आतंकी हमलों और कोशिशों के आरोप हैं। इसमें मार्च 2026 में एम्स्टर्डम के एक बैंक पर बमबारी, टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी, लंदन में यहूदियों पर चाकू से हमला और बेल्जियम व रॉटरडैम में धार्मिक स्थलों पर आगजनी शामिल है। वह कताइब हिजबुल्लाह और आईआरजीसी दोनों का सक्रिय गुर्गा है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी के समय अल-सादी के पास इराक का आधिकारिक सर्विस पासपोर्ट था, जो केवल प्रधानमंत्री की सहमति से सरकारी कर्मचारियों को मिलता है। इस वीआईपी पासपोर्ट की मदद से वह सुरक्षा जांच से बचकर आसानी से विभिन्न देशों के वीजा हासिल कर लेता था। उसने आतंकी नेटवर्क चलाने के लिए एक ट्रैवल एजेंसी भी बना रखी थी। वह सोशल मीडिया पर भी बेहद सक्रिय था, जहां वह दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अपनी तस्वीरें और साइलेंसर लगी पिस्तौल की तस्वीरें पोस्ट कर पीड़ितों को डराता था। फिलहाल अल-सादी ब्रुकलिन की बेहद सुरक्षित जेल में एकांत कारावास में बंद है।
