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पीएमश्री तुमगांव एवं बृजराज पाठशाला का किया अवलोकन,
विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने दिए निर्देश
महासमुंद 13 मई 2026
पीएम श्री योजना अंतर्गत जिले के चयनित विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना एवं नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था के अवलोकन हेतु पीएम श्री के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने आज पीएमश्री तुमगांव एवं बृजराज पाठशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित थे।
पीएम श्री के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय केवल सामान्य स्कूल नहीं बल्कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के मॉडल संस्थान हैं, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक एवं मानक अनुरूप अधोसंरचना विकसित करना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय भवनों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएम श्री स्कूलों में सभी सुविधाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित की जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण मिल सके।
श्रीमती मंगई ने शिक्षकों से संवाद कर शिक्षण पद्धति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को खेल-खेल में शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं नवाचार आधारित अध्यापन पद्धति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं व्यवहारिक ज्ञान का विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नियमित रूप से प्रशिक्षित हों तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग करें। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना पीएम श्री योजना का मुख्य उद्देश्य है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब में उपलब्ध संसाधनों का भी अवलोकन किया तथा निर्देश दिए कि प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण एवं सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुस्तकालय व्यवस्था को और समृद्ध बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की रुचि एवं विभिन्न विषयों से संबंधित पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध हों। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का पुस्तकालय कार्ड बनाकर उन्हें नियमित रूप से पुस्तकें इश्यू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को तकनीकी रूप से सक्षम, नवाचार आधारित एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि ये विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए मॉडल बन सकें।
