रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान
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अहमदाबाद,। गुजरात के गिर सोमनाथ में स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर में आज सोमनाथ अमृत महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर के आधुनिक पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और महापूजा में भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और भक्तिमय संगीत से सराबोर रहा। इस अवसर पर देशभर के साधु-संतों, कलाकारों और हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ पहुंचकर सबसे पहले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को नमन किया, जिन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। इसके पश्चात, मंदिर के इतिहास में पहली बार शिखर पर कुंभाभिषेक का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। देश के 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से भरे एक विशाल पांच फुट ऊंचे कलश को क्रेन की सहायता से करीब 90 मीटर ऊंचे मंदिर शिखर तक पहुंचाया गया, जहां शास्त्रों के अनुसार जलाभिषेक संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री ने इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। धार्मिक समारोह के साथ-साथ आज सोमनाथ की धरती पर राष्ट्रभक्ति और शौर्य का संगम भी देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने मंदिर परिसर के ऊपर हैरतअंगेज एयर शो का प्रदर्शन किया। छह हॉक एमके-132 विमानों ने आसमान में आकर्षक फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों का मन मोह लिया। मंदिर के भव्य शिखर के ऊपर वायुसेना के इन विमानों की गूँज और कलाबाजियों ने श्रद्धालुओं के बीच रोमांच भर दिया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का जामनगर से लेकर सोमनाथ तक अभूतपूर्व स्वागत किया गया। सोमनाथ पहुंचने पर उन्होंने एक भव्य रोड शो किया, जिसमें सड़क के दोनों ओर जमा जनसैलाब ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। गुजरात सरकार और सोमनाथ ट्रस्ट ने इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। मंदिर को विशेष लाइटिंग और विदेशी फूलों से सजाया गया है, जिससे रात्रि के समय इसकी आभा और भी मनोरम हो गई है। यह उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि आधुनिक भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति के पुनर्जागरण का भी संदेश दे गया।
