राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग हुआ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित, छत्तीसगढ़ के रक्षक मॉडल को मिला राष्ट्रीय पहचान
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग...
Spread the loveसंजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की...
Spread the love – निवाड़ी-टीकमगढ़-छतरपुर में ऑरेंज अलर्ट,...
शिविर में कुल 314 आवेदन प्राप्त हुए, 250 से अधिक आवेदनों का मौके पर निराकरण
धमतरी, 05 मई 2026
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार 01 मई से 10 जून 2026 तक आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जन शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष अभियान जारी है। इसी कड़ी में 4 मई को विकासखण्ड नगरी के ग्राम पंचायत कुकरेल में जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिविर में ग्राम पंचायत कुकरेल, दरगहन, सलोनी, छुही, सियादेही, कांटाकुरीडीह, बनबगौद, माकरदोना, बाजार कुर्रीडीह, झुरातराई, कुम्हड़ा, डोकाल, केरेगांव, भोथापारा, चनागांव, सियारीनाला एवं खैरभरी के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में कुल 314 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 306 मांग एवं 08 शिकायतें शामिल रहीं। इनमें से 266 आवेदनों (262 मांग एवं 04 शिकायत) का त्वरित निराकरण मौके पर ही किया गया, जबकि शेष आवेदनों को शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष श्री महेश गोटा, उपाध्यक्ष श्री हृदय साहू, सभापति श्री शुभंम यदु, जनपद सदस्य श्रीमति चन्द्रकला साहू एवं श्रीमति ईश्वरी नेताम सहित जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ग्राम पंचायत कुकरेल के सरपंच श्री ओंकार सिंह नेताम सहित अन्य ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं पंचगण भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नगरी श्रीमति प्रीति दुर्गम, नोडल अधिकारी श्री शिव कुमार चन्द्राकर, जल संसाधन विभाग, आदिवासी विकास विभाग, पंचायत एवं राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिविर में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर आमजनों से संवाद किया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। विशेष रूप से राजस्व, पंचायत, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ सरल एवं पारदर्शी तरीके से दिलाने पर जोर दिया गया।
प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण हो। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सुशासन तिहार के तहत जिले में आगे भी विभिन्न स्थानों पर इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
