Aaj Ka Rashifal: मेष, कर्क और धनु राशि वालों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
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नई दिल्ली,। अरुणाचल प्रदेश के एक महत्वपूर्ण शहर को चीन के हिस्से वाला दिखाए जाने की गंभीर चूक ने जनगणना 2027 के डिजिटल पोर्टल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के दौरान पासीघाट को चीनी शहर ‘मेडोग’ के रूप में प्रदर्शित किए जाने से लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस गंभीर भूल का खुलासा रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी मोहंतो पांगिंग पाओ ने किया। उन्होंने पोर्टल पर यह गड़बड़ी देखने के बाद सोशल मीडिया के जरिए इसे सार्वजनिक किया और इसे गंभीर लापरवाही करार दिया। उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। मामले के सामने आते ही संबंधित अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और कुछ ही घंटों के भीतर इस गंभीर गलती को ठीक कर दिया। हालांकि, इस घटना ने सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की विश्वसनीयता और डेटा सत्यापन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनगणना आयुक्त ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह समस्या मैप सर्विस प्रोवाइडर की ओर से हुई थी, जिसे तुरंत संज्ञान में लेकर सुधार लिया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। सोशल मीडिया पर सवाल किया जा रहा है कि किस साजिश के तहत ऐसी गंभीर चूक की गई, क्या यह चुनाव आयोग की शीर्ष टीम के लिए शर्मिंदगी की बात नहीं है? क्या इस भारी भूल के लिए दोषियों को सजा दी जा सकेगी? हालांकि तकनीकी सुधार के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस घटना ने डिजिटल इंडिया की सटीकता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनगणना को पहला चरण 16 अप्रैल को शुरु हुआ गौरतलब है कि जनगणना 2027 का पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू हो चुका है, जिसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य किया जा रहा है। यह प्रक्रिया फिलहाल देश के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, अब तक करीब 12 लाख परिवार सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा का उपयोग कर चुके हैं। डिजिटल जनगणना के तहत नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं और उसे फील्ड एन्यूमरेटर्स के साथ साझा कर सकते हैं, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और तेज होने की उम्मीद है।
