हंसी, इमोशन्स और अनोखे लॉजिक से भरा है प्राइम वीडियो की ‘मां का सम’, ट्रेलर हुआ रिलीज़
क्या हो अगर प्यार को किसी फॉर्मूले की तरह सॉल्व किया जा सके और तब क्या होता है जब ऐसा नहीं हो पाता? प्राइम वीडियो की ‘मां का सम’ का ट्रेलर इसी मजेदार और हटके आइडिया के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें एक छोटा लड़का दिखाया गया है जो लोगों से ज्यादा नंबरों पर भरोसा करता है और अपनी सिंगल मदर की लव लाइफ को “ठीक” करने की कोशिश में जुट जाता है। इसके बाद जो सामने आता है, वो है अजीबोगरीब डेट्स, अनपेक्षित भावनाएं और एक ऐसा रिश्ता जो बिल्कुल असली सा लगता है। यह फिल्म काफी वार्म है, थोड़ी उलझी हुई है और इसमें गहराई भी है और अगर ट्रेलर को देखें, तो कहानी में और भी बहुत कुछ छिपा है। यहाँ ऐसे पांच पल दिए गए हैं जो इसे तुरंत देखने लायक बनाते हैं।
एक ऐसी रीयूनियन जो एकदम सहज और नई लगती है
‘मेड इन हेवन’ के बाद, मोना सिंह और मिहिर आहूजा एक बार फिर साथ आए हैं, लेकिन इस बार, उनकी बॉन्डिंग बहुत ही दिलचस्प तरीके से बदल गई है। अगस्त्य को गाइड नहीं किया जा रहा है; बल्कि वह खुद कमान संभाल रहा है और अपनी मां विनीता के लिए “परफेक्ट मैच” ढूंढने के प्लान के साथ उनकी लाइफ में दखल दे रहा है। उनका रिश्ता बहुत ही आसान, बेबाक और गहराई से जुड़ा हुआ लगता है, जहाँ अधिकार कम और एक-दूसरे का साथ ज्यादा नजर आता है, जैसे वे मिलकर जिंदगी का रास्ता तय कर रहे हों।
“मैथ्स हो या प्यार… दोनों एक ही इक्वेशन है”
यह लाइन शुरू में ही आ जाती है और अगस्त्य के बारे में सब कुछ बयां कर देती है। एक लड़का जो लॉजिक, पैटर्न्स और प्रेडिक्टिबिलिटी में सुकून ढूंढता है, उसे सच में लगता है कि प्यार को डिकोड किया जा सकता है। अपनी मां की लव लाइफ को “प्रोजेक्ट मॉम” में बदलने का उसका यह आइडिया ट्रेलर का सबसे बड़ा हुक बन जाता है—जो हंसी-मज़ाक और आगे आने वाले इमोशनल उतार-चढ़ाव दोनों की नींव रखता है।
जब लॉजिक काम करना बंद कर देता है
जो प्लान एक सिस्टम की तरह शुरू होता है, जैसे प्रोफाइल चेक करना, फिल्टर लगाना और अंदाजा लगाना—वो धीरे-धीरे बिगड़ने लगता है। डेट्स वैसी नहीं होतीं जैसा सोचा था, लोगों के रिएक्शन मेल नहीं खाते और भावनाएं किसी नियम को नहीं मानतीं। दिमाग और दिल के बीच की यह खींचतान ट्रेलर का सबसे मजेदार हिस्सा है, जिसे रणवीर बरार और अंगिरा धर जैसे एक्टर्स ने और भी शानदार बना दिया है।
सिर्फ एक प्यारा सा कॉन्सेप्ट ही नहीं
इस अनोखेपन के पीछे कुछ गहरा छिपा है। जैसे-जैसे ट्रेलर आगे बढ़ता है, इसका अंदाज धीरे-धीरे बदलने लगता है। जब नए लोग उनकी जिंदगी में आते हैं, तो अगस्त्य की दुनिया और भी उलझने लगती है। रिश्ते पेचीदा हो जाते हैं, भावनाएं असली लगने लगती हैं, और ट्रेलर में दिखने वाले टकराव और इमोशनल पल इशारा करते हैं कि यह कहानी सिर्फ हंसी-मजाक तक ही सीमित नहीं है।
एक ऐसी प्रेम कहानी जो किसी फॉर्मूले में फिट नहीं बैठती
असल में ‘मां का सम’ सिर्फ एक बेटे के प्यार को सुलझाने की कोशिश के बारे में नहीं है, यह एक महिला के बारे में है जो अपनी शर्तों पर प्यार को दोबारा तलाश रही है। ट्रेलर बहुत ही सहज तरीके से एक सिंगल मदर के फिर से रिश्तों की दुनिया में कदम रखने की बात करता है, जिसमें न कोई हिचकिचाहट है और न ही कोई गिल्ट। यह कहानी दूसरे मौकों और बदलते नजरिए के बारे में है, जो हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कुछ चीजें महसूस करने के लिए होती हैं, हिसाब लगाने के लिए नहीं।
अपने अनोखे कॉन्सेप्ट, जुड़ाव महसूस कराने वाले इमोशन्स और हल्के-फुल्के अंदाज के साथ ‘मां का सम’ एक वार्म और फील-गुड फिल्म होने का वादा करती है, एक ऐसी इक्वेशन जिसे हर कोई सुलझते हुए देखना चाहेगा। निकोलस खरकोंगोर द्वारा निर्देशित और ‘यूनोइया फिल्म्स’ के बैनर तले बबीता आशीवाल द्वारा प्रोड्यूस की गई इस सीरीज को रविंदर रंधावा और सुमित शाही ने लिखा है। इसमें मोना सिंह, मिहिर आहूजा, अंगिरा धर और रणवीर बरार लीड रोल्स में हैं। इसका प्रीमियर 3 अप्रैल को खास तौर पर प्राइम वीडियो पर हिंदी में होगा, साथ ही तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में सबटाइटल्स भी उपलब्ध होंगे।
