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मुंबई,। मुंबई पुलिस की क्षेत्रीय डिवीजन की साइबर सेल ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 25 वर्षीय एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंट को गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस के अनुसार इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देशभर में कई ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदातों में हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर जालसाजों को 300 से अधिक सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल पुखराज कुलदीप के रूप में हुई है। जो कि निजी टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल और वीआई के लिए पीओएस एजेंट के तौर पर काम करता था। जांच में सामने आया है कि कुलदीप ने कई लोगों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया। इन सिम कार्ड के द्वारा ठग लोगों को फोन कर विभिन्न तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। पुलिस जांच के दौरान एक इसतरह के मामले का खुलासा हुआ जिसमें साइबर अपराधियों ने कुलदीप की ओर से जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का झांसा दिया। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को डराकर उन्हें कथित जांच के नाम पर ऑनलाइन पूछताछ का नाटक किया। इस दौरान बुज़ुर्ग को कहा गया कि उनका नाम एक गंभीर मामले में सामने आया है और उन्हें तुरंत सहयोग करना होगा, अन्यथा उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पीड़ित बुजुर्ग ने डर और दबाव में आकर अलग-अलग खातों में करीब 29 लाख रुपए ट्रांसफर किए है। इसके बाद में जब उन्हें शक हुआ, तब बुजुर्ग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस साइबर नेटवर्क तक पहुंची और सिम कार्ड के स्रोत का पता लगाकर पीओएस एजेंट कुलदीप को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता गोरेगांव निवासी 66 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जो पश्चिमी रेलवे के अकाउंट्स विभाग से रिटायर्ड असिस्टेंट ऑफिसर हैं। अब मुंबई पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने और सिम कार्ड जारी किए और गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।
